भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। Supplementary budget of Madhya Pradesh कमलनाथ सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट 18 दिसंबर को विधानसभा में प्रस्तुत कर सकती है। वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले खाका को अंतिम रूप दे दिया। पहली बार पहला अनुपूरक अनुमान 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। इसे शुक्रवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा में पेश करने की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए।

वहीं, मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन विधेयक को भी सदन में रखने की इजाजत मिल गई। करीब 15 साल पहले सरकार ने जो ढाई करोड़ रुपए स्वीकृत बजट से ज्यादा खर्च कर दिए थे, उसे नियमित करने की अनुमति विधानसभा से लेना का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पांच से सात हजार करोड़ रुपए के बीच अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा। विभागों ने अनुपूरक बजट में शामिल करने के लिए 30 से 40 हजार करोड़ रुपए की मांग भेजी थी लेकिन नई मांगों को सिरे से खारिज कर दिया गया। सिर्फ उन्हीं कामों के लिए राशि विभागों को अनुपूरक बजट में दी जा रही है, जिनके बिना काम नहीं चल सकता है।

इसमें केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश, प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों के लिए राहत राशि, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए प्रावधान सहित अन्य जरूरी योजनाओं के लिए प्रावधान रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते वक्त विपक्ष की ओर से होने वाले संभावित सवालों के मद्देनजर वित्त मंत्री तरुण भनोत ने गुरुवार को अपने भरोसेमंद अफसरों के साथ बैठक करके तैयारी की।

इसी तरह मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन करके 12 से 28 टन भार क्षमता के वाहनों के लिए जीवनकाल कर एकमुश्त के साथ-साथ तीन किस्तों में देने का प्रावधान किया जा रहा है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ट्रांसपोर्टर की हड़ताल समाप्ति के समय इसकी घोषणा की थी। इस टैक्स से परिवहन विभाग को करीब 160 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होना है।

उधर, वित्त विभाग 2003-04 में विभिन्न् विभागों द्वारा तय बजट से दो करोड़ 53 लाख 86 हजार 256 रुपए अधिक खर्च करने को नियमित करने के लिए विधानसभा की अनुमति के लिए प्रस्ताव रखेगा। वर्ष 2019-20 की पहली छह माही के आय-व्यय का विवरण्ा और राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत ब्योरा भी प्रस्तुत होगा।

Posted By: Hemant Upadhyay

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