भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल के अंत तक 18 हजार से ज्‍यादा नए प्राथमिक शिक्षक मिल जाएंगे। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए जल्द ही गाइडलाइन जारी होने वाली है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने ट्वीट कर जानकारी दी है। इसमें कुछ संशोधन भी किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल शिक्षा के भर्ती नियम-2018 में अनारक्षित वर्ग के कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के न्‍यूनतम उत्तीर्ण अंक 60 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संशोधन की कार्रवाई अभी चल रही है।

लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभय वर्मा ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किए गए संशोधन के अनुसार परीक्षा परिणाम तैयार कर भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू की जाएगी। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संयुक्त काउंसलिंग की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के 7 हजार 429 और जनजातीय कार्य विभाग के 11 हजार 98, इस प्रकार कुल 18 हजार 527 पदों पर एक साथ भर्ती की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस सत्र के अंत तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि जल्द ही स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती कर ली जाएगी। उधर, शिक्षक पात्रता संघ के अभ्यर्थी पद वृद्धि की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ के रंजीत कौर ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग पद वृद्धि करते हुए उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक के साथ द्वितीय काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं। साथ ही प्राथमिक शिक्षक के 51 हजार पदों पर भर्ती की जाए।

प्रदेश के करीब 21 हजार स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

प्रदेश के करीब 21 हजार सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की संख्या अधिक है। ऐसे में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं भोपाल में भी ऐसे सात स्कूल हैं, जिनमें एक शिक्षक उपलब्ध है। यहीं कारण है कि अभी हाल में जारी हुई जिलेवार रैंकिंग में भोपाल फिसड्डी पाया गया।

Posted By: Ravindra Soni

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