भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को 2020-21 सत्र में वितरित होने वाली पुस्तकों की छपाई के टेंडर की एक बार फिर समय अवधि बढ़ा दी गई है। पंद्रह दिनों के भीतर तीसरी बार टेंडर की तारीख निर्धारित की गई जिसके लिए समाचार पत्रों में कोई विज्ञापन तक जारी नहीं किया गया। तारीख आगे बढ़ाने के पहले तक 27 इच्छुक संस्थानों ने निविदाएं जमा करा दी थीं मगर उनकी टेक्निकल विड तक नहीं खोली गई।

मप्र के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए हर सत्र में मप्र पाठ्य पुस्तक निगम पाठ्य पुस्तकों की छपाई कराता है। 2020-21 शैक्षणिक सत्र के लिए करीब 20 करोड़ की पुस्तकों की छपाई होना है। इसके लिए पाठ्य पुस्तक निगम ने मप्र लघु उद्योग निगम के माध्यम से प्रिंटर्स की निविदाओं का आमंत्रण करने का फैसला किया।

लघु उद्योग निगम द्वारा ई-प्रिक्योरमेंट वेबपोर्टल पर इच्छुक प्रिंटर्स से टेंडर बुलाए थे जो 10 अक्टूबर तक फाइनल हो जाने थे। मगर लघु उद्योग निगम ने अब तक इन टेंडर के लिए दो बार तारीख को आगे बढ़ाकर 23 अक्टूबर को तीसरी तारीख तक निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला किया है।

बताया जाता है कि पाठ्य पुस्तक निगम ने छपाई के टेंडर लघु उद्योग निगम के माध्यम से बुलाए थे जिसमें विज्ञापन के माध्यम से दस अक्टूबर अंतिम तारीख दी गई थी। इसके बाद जब ई-प्रिक्योरमेंट वेबपोर्टल पर इच्छुक संस्थानों के टेंडर आवेदन भरने में शिकायतें आई तो इसकी तारीख 16 अक्टूबर कर दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक दूसरी अंतिम तारीख तक 27 संस्थानों द्वारा निविदाएं जमा कर दी गईं लेकिन इसके बाद फिर अंतिम तारीख बढ़ाते हुए 23 अक्टूबर तक टेंडर जमा करने की सूचना वेबपोर्टल पर दे दी गई। 16 अक्टूबर की तारीख को आगे बढ़ाने के पहले मप्र सहित कुछ अन्य स्थानों के 27 प्रिंटर्स के आवेदन लघु उद्योग निगम में जमा हो चुके थे लेकिन उनकी टेक्निकल विड नहीं खोली गई।

विज्ञापन की जरूरत नहीं

निविदा जारी करने के लिए एक बार विज्ञापन देने के बाद अगर तारीख आगे बढ़ाई जाती है फिर विज्ञापन की आवश्यकता नहीं होती। पाठ्य पुस्तक निगम की किताब छपाई का टेंडर पोर्टल में खराबी के कारण आगे बढ़ाया गया।

- पंकज जैन, एमडी, मप्र लघु उद्योग निगम

पोर्टल खराब था इसलिए तारीख बढ़ाई

लघु उद्योग निगम का ई प्रिक्योरमेंट पोर्टल खराब था और दूसरी तारीख तक भी उसमें खराबी ठीक नहीं हुई थी। इस कारण तीसरी तारीख तय करने का फैसला किया।

- राजेश जैन, एमडी, मप्र पाठ्य पुस्तक निगम

Posted By: Hemant Upadhyay