बीना (नवदुनिया न्यूज)। उपभोक्ताओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले उप डाकपाल ने विभाग के साथ भी विश्वासघात किया गया है। खिमलासा में प्रभारी पोस्ट मास्टर रहते हुए आरोपित ने 49 लाख से ज्यादा का गबन किया है। जबकि 32 उपभोक्ताओं के 20 लाख रुपये भी हड़प लिए हैं। इस तरह पोस्ट आफिस का घोटाला दो करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। हैरानी की बात तो यह है विभागीय गबन और उपभोक्ताओं के साथ हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में विभाग ने आरोपित के खिलाफ पुलिस थाने में अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इससे पोस्ट आफिस के तमाम अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं।

सूत्र ने बताया कि छोटी बजरिया पोस्ट आफिस में सेवाकाल के दौरान उप डाकपाल विशाल अहिरवार ने 19 लोगों के साथ 1.18 करोड़ की धोखाधड़ी की, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। इसी बीच आरोपित का स्थानांतरण खिमलासा पोस्ट आफिस में हो गया। आरोपित ने खिमलासा में 32 उपभोक्ताओं को करीब 20 लाख की चपत लगाई। उपभोक्ताओं को लूटने के बाद आरोपित ने विभाग को भी नहीं बख्शा। आरोपित ने विभाग के 49 लाख 900 रुपये भी हड़प लिए। यह मामला सामने आने पर आरोपित को मार्च 2022 में निलंबित कर दिया था।

उपभोक्ताओं को खिमलासा डाक घर में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी लगने पर उन्होंने पोस्ट आफिस पहुंचकर अपने एकाउंट चैक कराए, तब जाकर छोटी बजरिया पोस्ट आफिस में हुआ घोटाला उजागर हुआ। हैरानी की बात तो यह है कि अधिकारियों को गबन की जानकारी मार्च के पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन अब तक विभाग की ओर से न तो उच्च स्तरीय जांच कराई गई है और न ही पुलिस थाने में आरोपित के खिलाफ शिकायत कराई है। इस मामले में पोस्ट आफिस के अधिकारियों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं।

उपभोक्ता लगा रहे चक्कर

जिस तरह शहर में ठगी का शिकार हुए उपभोक्ता पोस्ट आफिस और पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं उसी तरह खिमलासा में उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। धोखाधड़ी का शिकार हुए पीयूष जैन का कहना है कि आरोपित उप डाकपाल विशाल अहिरवार ने उनके साथ भी धोखाधड़ी की है। वह पोस्ट आफिस के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पोस्ट आफिस के कर्मचारी जांच चलने का हवाला देकर उन्होंने भगा देते हैं।

आरोपित से 90 ग्राम सोना जब्त

आरोपित 30 मई तक पुलिस रिमांड पर है। जीआरपी ने आरोपित के नाम से प्राइलेट गोल्ड लोन फायनेंस कंपनी में गिरवी रखा 90 ग्राम सोना जब्त कर लिया है। इसके अलावा जीआरपी ने छोटा बजरिया पोस्ट आफिस में जाकर कर्मचारियों के साथ पूछताछ कर आरोपित संबंध में जरुरी दस्तावेज मांगे हैं। जीआरपी थाना प्रभारी अजय धुर्वे का कहना है कि घोटाले में अन्य लोगों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस थाने आए थे इंस्पेक्टर

घोटाले की जांच कर रहे डाक घर के इंस्पेक्टर पुलिस थाने आए थे। घोटाले की आशंका जताते हुए जांच की बात की थी। फोन पर हुई चर्चा के दौरान मैंने उनसे कहा था कि आप मुझे जांच प्रतिवेदन तैयार करके दें। बिंदुबार प्रतिवेदन मिलने के बाद ही जांच कर पाएंगे। उन्होंने जल्द प्रतिवेदन तैयार कर देने की बात की थी, लेकिन अब तक वह दोबारा प्रतिवेदन लेकर नहीं आए हैं।

अरविंद सिंह ठाकुर, थाना प्रभारी, खिमलासा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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