भोपाल। पूर्व मुख्‍यमंत्री और राज्‍यसभा सदस्‍य दिग्विजय सिंह आज एक कार्यक्रम के सिलसिले में सेंट्रल इंडिया प्रेस क्‍लब पहुंचे। यहां पर उन्‍होंने कहा कि आलोचना से डरने वालों को राजनीति में नहीं आना चाहिए। लोकतंत्र में राजनेता को आलोचना सहन करना ही चाहिए। आज कुछ बोल ही दो तो आप भारत के लिए खतरा बन जाते हैं। छोटी-छोटी बातों पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगा दिया जाता है। संवैधानिक संस्थाओं का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रवाद और राष्ट्र विरोध आज क्या है? क्‍या राजनीति में धर्म आना चाहिए?

आज लोकतंत्र का भविष्य अच्छा नहीं है। लोगों को आवाज उठाना कोई जुर्म है क्या? उन्‍होंने टेम और सुठालिया बांध परियोजना को लेकर कहा कि जिन किसानो के खेतों की मेड़ से मेड़ लगी है, डूब में आ रही है, तब भी मुआवजा नहीं दे रहे। मुख्यमंत्री तो छोड़ो, अधिकारी भी फोन नहीं उठाते हैं। मैंने कई बार मुख्यमंत्री से समय मांगा था। नहीं मिला, तभी धरना दिया। उसे भी तालिबानी करार दिया। धरने में आधे से ज्यादा तो भाजपा के लोग थे।

कार्यालय के लोग मुख्यमंत्री को बताते नहीं है। या तो मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी झूठ बोलते हैं या मुख्‍यमंत्री जी आप बोल रहे हैं। कमल नाथ जी से चौहान ने कहा दिग्विजय सिंह समय मांगते तो जरूर देता। राजनीति में मुद्दों, विचारों पर मतभेद होता है। मनभेद नहीं होना चाहिए। बगैर सूचना के किसी का घर तोड़ना क्या सही है। ऐसे मामलों को लेकर कोर्ट में जाना चाहिए। व्यापमं मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी। सीबीआई ने नियुक्ति मामले की जांच नहीं की। News updating...

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शिवराज का पूरा तंत्र बेशर्मी पर उतरा, ― किसानों से मिले नहीं और अब राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी का फ़ोन तक नहीं उठा रहे। शिवराज जी, कब तक लोकतंत्र का हनन करोगे..? ”शर्म करो शवराज”

- MP CONGRESS (@MPCONGRESS) 21 Jan 2022

Posted By: Ravindra Soni

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