भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। तनिक सोचिए कि आप फुटपाथ पर एक छोटी-मोटी दुकान चलाते हैं। आपने बिजली कनेक्‍शन ले रखा है। विद्युत विभाग वाले इसके लिए आपको किसी दिन हजारों रुपये का बिल थमा दें, तो आपकी क्‍या हालत होगी। फुटपाथ पर किराना दुकाने चलाने वाले बिजली उपभोक्ता छुटकन लाल जैन के साथ ऐसा ही हुआ। छुटकन लाल बुजुर्ग हैं और बिजली कंपनी से खुद को परेशान बता रहे हैं। उनका कहना है कि कभी भी उनका बिल बकाया नहीं था, तब भी बिजली कंपनी ने उन्हें बीते माह 35 हजार 179 रुपये का बिल थमा दिया है। उनकी आर्थिक स्थिति खराब है। वह फुटपाथ पर किराना दुकान चलाकर अपना और परिवार का पेट पाल रहे हैं। बिल की इतनी भारी भरकम राशि वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कंपनी के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों पर संदेह जताते हुए कहा कि जो उपभोक्ता साठगांठ नहीं करते, उन्हें इस तरह अधिक राशि के बिल दिए जा रहे हैं। विद्युत कंपनी में कुछ असामाजिक तत्व काम कर रहे हैं। जिनकी वजह से परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कंपनी से वास्तविक खपत का बिल जारी करने की मांग की है।

उपभोक्ता का कहना है कि उसकी पत्नी कैंसर की मरीज है, जिसका वह इलाज नहीं करवा पा रहा है। ऐसे में 35 हजार रुपये का इंतजाम करना उसके लिए मुश्किल है। इधर, करोंद जोन के बिजली अधिकारियों का तर्क है कि उपभोक्ता को तय खपत के आधार पर ही बिजली बिल दिया जा रहा है। जून माह में उपभोक्ता के घर बिजली की विजिलेंस टीम ने जांच की थी जिसमें करीब 30 हजार रुपये का बिल बनाया था। यह राशि उक्त उपभोक्ता ने जमा नहीं की है। दो माह का बिल भी बकाया है।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local