भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। देश की महारत्न कंपनी ने कोरोना संक्रमण बढ़ता देख कारखाने में प्रवेश की व्यवस्थाएं एक दिसंबर से बदलने जा रही है। भेल के अपर महाप्रबंधक विनय कुमार ने परिपत्र जारी करके स्पष्ट किया है कि कारखाने में किसी भी कर्मचारियों व अन्य लोगों को बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही कारखाने के प्रवेश द्वार-एक(स्वर्ण जयंती द्वार)से सुबह 10 से दोपहर 2:30 बजे तक आने-जाने के लिए बंद रहेगा। इस दौरान प्रवेश द्वार पांच और छह से आने-जाने दिया जाएगा। वहीं दोपहर 12 बजे से प्रवेश द्वार-चार से आगमन होगा। इसके अलावा भेल कर्मचारियों को भेल की यूनिफार्म पहनना अनिवार्य होगा। हेलमेट लगाना, सुर िक्षत शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी होगा। ठेकेदार अपने श्रमिकों की नियमों का पालन कराएंगे। प्रवेश द्वारों पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बले के जवान कारखाने में ऐसे कर्मचारियों को प्रवेश देंगे, जो कोरोना गाइडलाइन का पालन करेगा। कर्मचारी व आने-जाने वाले पार्किंग में वाहनों को खड़े करेंगे। बिना हेलमेट लगाए कारखाने में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बता दें कि भेल ने कोरोना की दूसरी लहर में प्रवेश द्वारों पर सैनिटाइज करने की मशीनें लागई थीं। भेल टाउनशिप के आवासों व सड़कों को नियमिति रूप से सैनेटाइज शुरू किया था। इसके बाद भी कई भेल कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गई थे। अब ऐसी नौबत न बने, इसलिए भेल प्रबंधन ने अभी से कारखाने में प्रवेश पर सख्ती कर दी है। साथ ही अलग-अलग ब्लाकों में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इससे भेल कारखाने में उत्पादन का काम अच्छे से चलता रहे।

Posted By: Lalit Katariya

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