भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप खत्‍म होने के बाद भोपाल में विभिन्‍न सामाजिक, धार्मिक, सांस्‍कृतिक कार्यक्रम अब पुन: होने लगे हैं। हालांकि बीते कुछ दिनों से शहर में कोरोना संक्रमण के मामले पुन: बढ़ने लगे हैं। ऐसे में बेहतर यही है कि कोरोना के प्रति हरदम सतर्क रहा जाए। आप कहीं भी जाएं, मास्क पहनने के साथ शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। गुरुवार 19 मई को शहर में कई ऐसे आयोजन हैं, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।

छायाचित्र पदर्शनी : मृण्यमय मूर्तियों पर केन्द्रित छायाचित्र प्रदर्शनी राज्य संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर पांचदिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें भारत के विभिन्न संग्रहालयों के साथ इंग्‍लैंड, अमेरिका, फ्रांस और अन्य देशों के संग्रहालयों की भारतीय मृण्यमय कला की कलाकृतियों के छायाचित्र भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। मृण्यमय कला की कलाकृतियां हड़प्पा काल से 10वीं-11वीं शताब्दी तक की हैं। प्रदर्शनी में करीब 80 कलाकृतियों का प्रदर्शन छायाचित्रों के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी को प्रात: 10.30 बजे से देखा जा सकता है।

माह का प्रादर्श : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में मंडला का पारंपरिक मुखौटा 'खेखड़ा' का प्रदर्शन सुबह 11 बजे से।

चित्र प्रदर्शनी : मप्र जनजातीय संग्रहालय की लिखंदरा दीर्घा में भील चित्रकार शांता भूरिया के चित्रों की प्रदर्शनी सुबह 11 बजे से देखी जा सकती है।

चित्रकला शिविर : जनजातीय संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर पांच दिवसीय वाटर कलर आधारित चित्रकला शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में ख्यात चित्रकार रामचंद्र शिवाजी खरतमल एवं पुणे के कुडलय्या महान्तय्या हिरेमठ वाटर कलर से चित्रांकन की बारीकियां सिखाकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। आज इस शिविर का दूसरा दिन है

तमिल संस्‍कृति पर केंद्रित प्रदर्शनी : आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में भारत के लोग श्रंखला के अंतर्गत तमिलनाडु की लोक एवं जनजातीय कला और संस्कृति पर केंद्रित प्रदर्शनी को आवृत्ति भवन की दीर्घा में दोपहर 11 बजे से देखा जा सकता है।

चित्रकला प्रतियोगिता - आंचलिक विज्ञान केंद्र में संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्‍य में सिट एंड ड्रा प्रतियोगिता सुबह 11 बजे से।

Posted By: Ravindra Soni

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