Tokyo Olympics: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गुरुवार को सुबह अच्‍छी खबर भारतीय हॉकी टीम ने दी। इस टीम में मप्र राज्‍य अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्‍त करने वाले विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांता शर्मा शामिल है। भारतीय हॉकी टीम ने टोक्‍यो ओलिंपिक में कांस्‍य पदक जीतने पर राजधानी के तात्‍या टोपे स्‍टेडियम, मप्र राज्‍य हॉकी अकादमी परिसर में जश्‍न मनाना और एक दूसरे को बधाई देना शुरू कर दिया। यह सिलसिला दिन भर चलता रहा।टीटी नगर स्‍टेडियम में सभी खेलों के खिलाडि़यों ने अभ्‍यास किया और जिम में पहुंचे। यहां उन्‍हें जीत की खबरी मिली। सभी ने नाच गा कर एक दूसरे को बधाई दी।

खेल संचालक पवन कुमार जैन ने कहा कि यह भारत के लिए गौरव का दिन है। हम इसे 1983 के क्रिकेट विश्‍वकप की तरह देख सकते है। भारतीय हॉकी खिलाडि़यों ने एक बार फिर से हाकी को संजीवनी दे दी है। भारतीय हॉकी टीम की जीत में हमारी अकादमी का भी विशेष योगदान है। अकादमी के विवेक सागर और नीलाकांता शानदार खेल का प्रदर्शन किया है।

सुखद परिणाम आने लगे है

मप्र हॉकी अकादमी के कोच समीर दाद ने कहा कि यह खुशी का दिन है, भारतीय पुरुष व महिला हाकी टीम ने सहराहनी योगदान दिया है। इसमें हमारी अकादमी की अहम भूमिका रही है। पुरुष व महिला अकादमी में प्रशिक्षण ले चुके खिलाडि़यों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अकादमी में खिलाडि़यों को आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता है, उनके लिए विश्‍वस्‍तरीय सुविधांए उपलब्‍ध कराई जाती है।

हॉकी की वापसी हुई है

1984 लांस एंजलिस ओलिंपिक में देश का प्रतिनित्‍व करने वाले जलालउद्दीन रिजवी ने कहा कि कई सालों से इस दिन का इंतजार था। सालों बाद हॉकी से कोई अच्‍छी खबर आई है। हमारे लड़कों ने बेजोड़ खेल का प्रदर्शन किया है। वेसे तो पूरी भारतीय टीम ने बेहतर खेला है, लेकिन इटारसी के विवेक और अकादमी में खेल चुके नीलाकांता ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

दिल जीत लिया है हमारे लड़कों ने

1968 मैक्सिको ओलिंपिक में भारतीय टीम की कांस्‍य पदक विजेता टीम के सदस्‍य भोपाल के इनाम उर रहमान ने कहा कि भारतीय टीम ने दिल जीत लिया है। यह टीम बहुत आगे जाएगी। इस पदक से देश में हॉकी को नया जीवन मिल गया है। हमारे खिलाडि़यों ने बता दिया है कि हम किसी भी टीम में किसी भी देश में किसी भी परिस्थिति में खेल सकते है। हमारे जमाने में एस्‍ट्रोटर्फ हमारे लिए नई थी और नियम भी बदल गए थे। इसलिए हमारी हॉकी पिछड़ गई है। लेकिन मप्र और पंजाब जैसे राज्‍यों ने दर्जनों टर्फयुक्‍त मैदान तैयार कर दिए है। इसके अलावा हमारे खिलाडि़यों को पर्याप्‍त टाइट रही है, उच्‍चस्‍तरीय कोचिंग दी जा रही है। फिटनेस के लिए फिजियों की पूरी टीम तैयार है। इसके अलावा विदेशी कोच की महत्‍वपूर्ण भूमिका है।

Posted By: Lalit Katariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local