Tokyo Olympics: ( नवदुनिया प्रतिनिधि )। भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्‍यो ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। शुक्रवार को कांस्‍य पदक वाले इस मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन रियो ओलिंपिक की स्‍वर्ण पदक विजेता ब्रिटेन से पार नहीं पा सकी। ब्रिटेन ने 4-3 से भारत को हराकर कांस्‍य पदक जीता। इस मैच की खास बात यह रही कि मध्‍प्र प्रदेश में प्रशिक्षित तीन खिलाड़ी वंदना, सुशीला और मोनिका भी भारतीय टीम की ओर से मैदान में उतरी थी।

मैच के तीसरे क्‍वार्टर तक मुकाबला 3-3 से बराबरी पर था। चौथे क्‍वार्टर की शुरुआत में ही ग्रेट ब्रिटेन को लगातार तीन पेनल्‍टी कार्नर मिल गए। पहले दो तो गोलकीपर सबिता पूनिया ने नाकाम कर दिए, लेकिन तीसरे प्रयास में ग्रेट ब्रिटेन ने गोल में बदल कर 4-3 से बढ़त बना ली। मैच के अंत तक यही स्‍कोर रहा। इस मैच में मध्‍य प्रदेश के लिए खेल चुकी वंदना कटारिया ने एक गोल भी दागा। लेकिन उनका यह शानदार प्रदर्शन भी टीम को जीत दिलाने के लिहाज से नाकाफी सिद्ध हआ। उनके अलावा मप्र अकादमी में रह चुकी मोनिका मलिक व सुशीला चानू भी इस मुकाबले में मैदान पर उतरी थी।

मैच का पहला गोल ग्रेट ब्रिटेन की रायर ने मैच के 16वें मिनट में दागा था। 24वें मिनट में राबर्टसन ने टीम को 2-0 से आगे कर दिया। इसके बाद गुरजीत कौर ने 25 वे और 26वें मिनट में लगातार दो गोलकर भारत को 2-2 से बराबरी पर ला खड़ा किया। 29 वें मिनट में मप्र के लिए खेल चुकी वंदना कटारिया ने गोल कर भारत को 3-2 से आगे कर कांस्‍य पदक की उम्‍मीद जगा दी। तीसरे क्‍वार्टर में ब्रिटेन की पिर्न वेब ने 35 वें मिनट में बराबरी का गोल कर एक बार फिर स्‍कोर 3-3 कर दिया। चौथे क्‍वार्टर में ब्रिटेन की टीम हावी रही। 46वें मिनट में वेलसन ने गोल कर टीम को 4-3 की बढ़त दिलाई। इसके बाद उन्‍होंने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए कांस्‍य पदक पर अधिकार जमा दिया। उल्‍लेखनीय है कि भारतीय टीम ने काफी उतार चढाव के बाद सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। सेमीफाइनल में अर्जेन्‍टीना ने भारतीय टीम को 2-1 से पराजित किया था।

अच्‍छा खेली भारतीय टीम

इस भारतीय टीम में तीन खिलाड़ी मध्‍य प्रदेश राज्‍य अकादमी ग्‍वालियर के मुख्‍य कोच परमजीत सिंह बरार से प्रशिक्षण प्राप्‍त कर चुकी हैं। इसमें मोनिका मलिक, सुशीला चानू और वंदना कटारिया हैं। मोनिका व सुशीला मध्‍य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी में रही हैं, वहीं वंदना भारतीय खेल प्राधिकरण (साई ) भोपाल में रही हैं। परमजीत ने कहा कि भारतीय टीम कांस्‍य पदक की दावेदार थी, टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। पिछले बार अंतिम स्‍थान पर रहने वाली भारतीय टीम ने शीर्ष चार में पहुंच देश का नाम रोशन किया है।

भारतीय महिला हॉकी टीम का ओलिंपिक में अब तक सफर

पहला मुकाबला नीदरलैंडस से 1-5 से हारी

दूसरा मैच जर्मनी से 0-2 से हारी

तीसरा मैच ग्रेट ब्रिटेन से 1-4 से हारी

चौथा मैच आयरलैंड से 1-0 से जीती

पांचवा मैच दक्षिण अफ्रीका से 4-3 से जीती

क्‍वार्टर फाइनल में आस्‍ट्रेलिया से 1-0 से जीती

सेमीफाइनल मे अर्जेन्‍टीना से 1-2 से हारी

कांस्‍य पदक मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन से 3-4 से हारी

Posted By: Lalit Katariya

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