भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी भोपाल में शिवाजी नगर स्थित राज्य रेडक्रॉस अस्पताल में अगले महीने के पहले हफ्ते से कोरोना मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। यहां 30 बिस्तर का सामान्य वार्ड और 10 बिस्तर का आइसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। रेडक्रॉस अस्‍पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद एम्स व हमीदिया अस्पताल में मरीजों का दबाव कम होगा। रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य शाखा के चेयरमैन आशुतोष पुरोहित ने बताया कि वार्ड बनाने का काम चल रहा है, जो इसी महीने पूरा हो जाएगा। अगले महीने के पहले हफ्ते में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा शुरू हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा संचालित कई योजनाओं के लिए रेडक्रॉस अस्पताल अनुबंधित है। अब इन योजनाओं के तहत चिन्हित कोरोना मरीजों का इलाज भी रेडक्रॉस में हो सकेगा। बता दें कि सरकारी अस्पतालों में अभी एम्स, हमीदिया और जेपी अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज हो रहा है। अभी इन अस्पतालों में बिस्तर उपलब्ध हैं, लेकिन जिस तेजी से मरीज बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि 10 दिन के भीतर ही बिस्तर मिलना मुश्किल हो जाएगा। निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर की जरूरत वाले कोरोना मरीजों के इलाज पर हर दिन करीब 10 हजार रुपए खर्च आता है, जो किसी गरीब व्‍यक्ति के बूते की बात नहीं है। ऐसे में रेडक्रॉस अस्‍पताल में इलाज शुरू होने से कोरोना मरीजों को राहत मिलेगी।

निजी अस्पतालों से आधी दर पर होगा इलाज

पुरोहित ने बताया कि रेडक्रॉस अस्‍पताल में गंभीर व कम गंभीर सभी तरह के मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों की तुलना में लगभग आधे खर्च पर होगा। उन्होंने बताया कि वह तो इससे भी कम में इलाज करना चाहते हैं, लेकिन डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ को कोरोना वार्ड में ड्यूटी के लिए अतिरिक्त वेतन देना होगा। इस कारण इलाज का खर्च ज्यादा हो रहा है।

Posted By: Ravindra Soni

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