दो माह की जगह 40 दिन में ही 13 लाख 39 हजार 620 क्विंटल गेहूं खरीदा

- अभी तक 88 फीसदी उपज का परिवहन

- किसानों से 257 करोड़ 87 लाख 66 हजार 501 रुपये का खरीदा गया गेंहू

- उपज खरीदने के लिए बनाए गए थे 30 केंद्र

अतीक अहमद मंडीदीप

कोरोना संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन के दौरान भी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी, परिवहन और भुगतान में गौहरगंज तहसील में अच्छा काम हुआ। बेहतर प्लानिंग, हर सेक्टर पर नोडल अधिकारी बनाने और डेली मॉनिटिरिंग का ही नतीजा है कि गेहूं खरीदी करने का दो माह का लक्ष्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम ने 40 दिन में ही पूरा कर लिया। तहसील में अब तक 13 लाख 39 हजार 620 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। करीब 11 लाख 82 हजार 160 क्विंटल उपज का परिवहन भी कर लिया गया है। हालांकि अभी भी एक लाख 58 हजार 314 क्विंटल का परिवहन होना शेष है। इसके आलावा 853 क्विंटल अनाज को रिजेक्ट किए जाने से उसका परिवहन नहीं होगा। खरीदी के साथ ही 11 हजार 929 किसानों को 257 करोड़ 87 लाख 66 हजार 501 रुपये का भुगतान किया जाना है।

रायसेन जिले में लॉकडाउन के चलते गेहूं खरीदी तीन सप्ताह देरी से यानी 25 मार्च की जगह 15 अप्रैल से शुरू हुई, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे तय समय 25 मई तक कराने के लिए चार सप्ताह का खरीदी प्लान बनाया। इसमें हर दिन मॉनीटरिंग करने से निर्धरित लक्ष्य करीब डेढ़ लाख टन में से 13 लाख 39 हजार 620 क्विंटल करीब-करीब लक्ष्य की पूर्ति हो पाई। तहसील के करीब 13 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए विभाग के पास पंजीयन कराया था। विभाग द्वारा तहसील में गेहूं खरीदी के लिए 30 उपार्जन केंद्र बनाए गए थे, जहां पंजीकृत किसानों में से आखिरी तिथि तक 11 हजार 929 किसानों ने ही अपना गेहूं सरकार को बेचा, जबकि बचे किसानों ने खुले बाजार में व्यापारियों को गेहूं बेचने में दिलचस्पी दिखाई। किसानों से सरकार ने 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा। इस तरह सरकार ने 11 हजार 929 किसानों से 13 लाख 39 हजार 620 क्विंटल गेहूं खरीदा।

अभी तक 128 करोड़ 65 लाख रुपये का किया गया भुगतान

खरीदी गई मात्रा के विरुद्ध किसानों को 257 करोड़ 87 लाख 66 हजार 501 राशि दी जानी थी। इसमें से सरकार ने ऋणी किसानों का भुगतान बकाया पैसा काट कर 243 करोड़ 63 लाख 28 हजार 595 रुपये देना था । यह भुगतान किसानों को 7 दिन के अंदर किया जाना था, लेकिन अब तक विभाग द्वारा किसानों को 128 करोड़ 65 लाख 76 हजार 958 रुपये का ही भुगतान किया जा सका है। इस तरह अभी भी 114 करोड़ 97 लाख 51 हजार 637 रुपये दिया जाना शेष है। वहीं गेहूं खरीदी, परिवहन और भुगतान भी समय पर हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने मॉनीटरिंग और सिस्टम से काम कराया। इस तरह जिला प्रशासप द्वारा कि गई बेहतरीन प्लानिंग से 2 महीने तक की जाने वाली खरीदी का लख्य 40 दिन में ही पूरा कर लिया गया।

इस तरह बने हम अव्वल

गेहूं खरीदी कराने में लगे अफसरों ने पिछली बार 26 की अपेक्षा इस बार 4 नए खरीदी केंद्र मिलाकर कुल 30 केंद्र बनाए। किसानों को एसएमएस भेजने का प्रॉपर सिस्टम डेवलप किया। पहले छोटे किसानों से खरीदी की गई। गत वर्ष तक सप्ताह में शनिवार-रविवार को खरीदी नहीं की जाती थी। जबकि इस बाद रविवार को छोड़कर अन्य 6 दिन खरीदी की गई। लॉकडाउन में मजदूरों, हम्मालों की बड़ी कमी थी, लेकिन स्थानीय लोगों का चयन कर इस समस्या का निराकरण किया गया।

शासन ने टॉप-5 जिलों की जारी की रैंकिंग

रबी खरीद निगरानी सिस्टम के जरिए गेहूं खरीदी की मॉनिटिरिंग की गई। इसके बाद शासन ने टॉप-5 जिलों की रैंकिंग जारी की। इसमें समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने, परिवहन और भुगतान में होशंगाबाद जिला प्रदेश में अव्वल रहा। वहीं विदिशा दूसरा, सीहोर तीसरा, रायसेन चौथा और उज्जौन पांचवें स्थान पर रहा।

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विभाग ने योजनाबद्ध ढंग से किसानों से खरीदी की। इसी कारण कम समय में भी गत वर्ष की तुलना में अधिक खरीदी कर पाए। इसमें जिला प्रशासन के साथ अन्य विभागों का भी पूरा सहयोग प्राप्त हुआ।

- बीपी शर्मा, प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी रायसेन

Posted By: Nai Dunia News Network

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