संत हिरदाराम नगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सेवा सदन ट्रस्ट की ओर से आयोजित यूरोलॉजी एवं जनरल सर्जरी शिविर में एक जटिल और असंभव नजर आने वाला ऑपरेशन हुआ। दतिया निवासी नरेश रतनानी के चेहरे पर 17 साल से कर्णफूल (पैरोटिड) लटका हुआ था। लंबे समय तक इलाज के बाद भी बीमारी ठीक नहीं हो रही थी। शिविर में सेवाएं देने आए अमेरिकन चिकित्सक डॉ. ब्रेंडन जॉनसन ने कड़ी मशक्कत के बाद कर्णफूल को मरीज के शरीर से अलग किया। पहली बार किसी एक मरीज ऑपरेशन पूरे 12 घंटे तक चला।

सेवा सदन ने इस बार यूरोलॉजी के साथ ही जनरल सर्जरी विशेषज्ञों को भी शिविर में बुलाया था। दतिया के रेडीमेड गारमेंट व्यवसाई नरेश रतनानी लंबे समय से कर्णफूल बीमारी से ग्रसित थे। तीन बार ऑपरेशन के बाद भी उनकी बीमारी ठीक नहीं हो पा रही थी। शिविर में डॉ. ब्रेंडन ने उनकी जांच की।

चिकित्सा दल ने यह जटिल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। जटिल इसलिए भी था कि पहले तीन बार ऑपरेशन हो चुका था। मंगलवार को सुबह 9 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ और रात्रि 9 बजे नरेश के शरीर से ढाई किलो वजनी कर्णफूल निकाला जा सका।

संतजी के आशीर्वाद से सफल हुआ ऑपरेशन

सेवा सदन में ऐसा जटिल ऑपरेशन पहली बार हुआ है। 50 वर्षीय नरेश रतनानी का कहना है कि ऑपरेशन से पहले उन्होंने मानव सेवा के प्रतीक संत हिरदारामजी का स्मरण किया था। उनके आशीर्वाद से ही मुझे 17 साल की पीड़ा से मुक्ति मिली है। अमेरिका से आए डॉ. ब्रेंडन जॉनसन भी इस जटिल ऑपरेशन की सफलता से बेहद खुश हैं। मरीज ने संतजी, सेवा सदन एवं डॉ. ब्रेंडन जॉनसन के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है। शिविर में हरदा निवासी ममता चौहान का भी जटिल ऑपरेशन हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network