भोपाल (राज्य ब्यूरो)। धार के धरमपुरी में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध में रिसाव और मिट्टी धसने से उत्पन्न् खतरे को देखते हुए सेना के दो हेलिकाप्टर और एक कंपनी मदद के लिए तैयार रखी गई है। धार के 12 और खरगोन के छह गांवों को खाली कराकर रहवासियों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बांध को सुरक्षित रखे जाने के लिए जल संसाधन विभाग काम कर रहा है। उधर, अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजौरा और जल संसाधन एसएन मिश्रा ने मंत्रालय स्थित कंट्रोल रूम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। गुजरी के डेहरीया के लोगों को बस में बैठाकर सुरक्षित जगह भेजा गया। उधर वाहन धामदोन की ओर जाने के लिए वाहन नहीं मिलने से देर रात तक लोग पैदल ही उस ओर जाते रहे।

कारम नदी पर कोठीदा-भारुडपुरा गांव के पास 590 मीटर लंबे और 52 मीटर ऊंचे मिट्टी के बांध का निर्माण जल संसाधन विभाग ने दिल्ली की एएमएस कंस्ट्रक्शन कंपनी से कराया है। 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब तब 174 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। इसमें गुरुवार दोपहर को रिसाव शुरू हुआ। इससे बांध को नुकसान की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने रिसाव को बंद कराने का काम किया लेकिन शुक्रवार को मिट्टी धस गई। इसके बांध के टूटने का खतरा पैदा हो गया। इस स्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने सेना के दो हेलिकाप्टर और एक कंपनी को मदद के लिए तैयार रखने की व्यवस्था बनाई।

इंदौर और धार से राज्य आपदा राहत दल को भेजा। पुलिस बल, होमगार्ड और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को बचाव कार्य में लगाया। डा. राजौरा ने बताया कि जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक बांध की सुरक्षा को लेकर सभी कदम नहीं उठा लिए जाते हैं, तब तक ग्रामीणों को राहत शिविरों में ही रखा जाए। हाइवे के दोनों ओर पुलिस तैनात रखें। एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखें। ड्रोन से निगरानी की जाए। वरिष्ठ अधिकारी सतर्क रहें और मैदानी अमले के संपर्क में रहें।

गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल, विस्तृत जांच होगी

बांध के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है। अभी इस पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख अभियंता से लेकर सभी अधिकारी मौके पर हैं। जहां से पानी का रिसाव हो रहा था, उसे तो बंद कर दिया गया है लेकिन मिट्टी धस गई है। पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता आदि को लेकर विस्तृत जांच होगी। इसके बाद ही कारण पता लगेंगे।

निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच दल बनाकर कराई जाए जांच- कमल नाथ

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नवनिर्मित बांध में रिसाव और मिट्टी धसने की घटना को भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण लगातार गुणवत्ताहीन निर्माण और भ्रष्टाचार की शिकायत कर रहे थे लेकिन इनकी अनदेखी की गई। इसका ही परिणाम है कि पहली वर्षा में ही रिसाव और मिट्टी धसने की घटना सामने आई। यह कोई पहला मामला नहीं है। आदिवासी क्षेत्रों में चले रहे विभिन्न् निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने बांध के निर्माण में भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने, विशेषज्ञों का जांच दल बनाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध करने की मांग की।

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Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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