लोकायुक्त पुलिस ने चिनार पार्क के पास की कार्रवाई

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि क्राइम

क्राइम ब्रांच के एक हवलदार को छह हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार शाम को चिनार पार्क के पास रंगे हाथों पकड़ लिया। उसने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने के नाम रुपए मांगे थे।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ऐशबाग निवासी खालिद कुरैशी एक मीट की दुकान पर काम करता है। उसका आपराधिक रिकार्ड भी है। उसने दो दिसंबर को लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि क्राइम ब्रांच का हवलदार महेंद्र प्रसाद उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर दस हजार रुपए मांग रहा है। लोकायुक्त पुलिस ने योजना बनाकर खालिद के द्वारा हवलदार को चिनार पार्क के पास बुलाया। खालिद खुद पांच हजार रुपए लेकर आया। हवलदार महेंद्र वहां अपनी कार से पहुंचा। उसने कार रोकी और खालिद को रिश्वत की रकम गाड़ी में रखने को कहा। जैसे ही खालिद ने रकम रखी, लोकायुक्त ने महेंद्र को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान डीएसपी संजय जैन, इंस्पेक्टर सलिल शर्मा, मुकेश तिवारी और मयूरी गौर शामिल थे।

शिकायतों के चलते चर्चा में क्राइम ब्रांच

क्राइम ब्रांच विवादों में है। उसके पुलिस कर्मियों की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। वहीं जांच के नाम पर पुलिस कर्मियों को बचाया जा रहा था। पूर्व आईजी योगेश देशमुख ने अपने पदस्थापना के दौरान सबसे ज्यादा मॉनीटरिंग क्राइम ब्रांच की थी। उन्होंने क्राइम ब्रांच को जुआ, सट्टे और अन्य छोटे अपराधों पर कार्रवाई करने से ही मना कर रखा था। साक्षात्कार के बाद क्राइम ब्रांच में पुलिस कर्मियों को पदस्थ करने की व्यवस्था की थी। उनके तबादला होने के बाद क्राइम ब्रांच फिर से अपने पुराने ढर्रे पर लौट आई।

तबादले के बाद भी छह पुलिस कर्मियों के रिलीव नहीं किया

गंभीर शिकायत के बाद डीआईजी भोपाल ने क्राइम ब्रांच के छह पुलिस कर्मियों का तबादला कर दिया था। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने जोड़तोड़ कर अपनी-अपनी रवानगी रुकवा ली थी। उनके रवानगी नहीं देने पर कई तरह से सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network