ललित नारायण कटारिया, भोपाल। मध्‍य प्रदेश ने पहली बार रणजी खिताब जीता है। मप्र की इस विजेता टीम में पांच खिलाड़ी भोपाल के है, जिसमें कप्‍तान आदित्‍य श्रीवास्‍तव और अनुभव अग्रवाल एकादश में शामिल थे और मप्र की जीत में अहम योगदान भी दिया है। इसके अलावा सेमीफाइनल में चोटिल होने के कारण पुनीत दाते फाइनल मुकाबले में मप्र एकादश में शामिल नहीं हो सके थे। इसके अलावा दो खिलाड़ी राहुल बाथम और अरहम अकील भी शामिल थे। लम्‍बे समय के बाद यह देखा गया कि भोपाल के इतने खिलाड़ी एक साथ मप्र टीम में शामिल रहे है। अब राष्‍ट्रीय चैंपियन बनने के बाद पहली बार मंगलवार को यह खिलाड़ी भोपाल आ रहे है। भोपाल संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के साथ ही खिलाडि़यों की अकादमी भी उनके स्‍वागत के लिए तैयार बैठी है।

आदित्‍य श्रीवास्‍तव

अंकुर क्रिकेट अकादमी में ही आदित्‍य ने अपना क्रिकेट करियर 11 साल की उम्र में प्रारंभ किया था। यहां कोच जेपी त्‍यागी ने उनकी प्रतिभा को तराशा और कप्‍तानी के लिए भी बेहतर मौके दिए। आदित्‍य कोलार में रहते है। उनके पिता का खुद का व्‍यावसाय है। भोपाल क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव शफकत मोहम्‍मद खान ने आदित्‍य के बारे में बहुत पहले ही भविष्‍यवाणी कर दी थी। आदित्‍य ने अपनी नेतृत्‍व क्षमता को साबित किया है। आदित्‍य मप्र अंडर 14 टीम का भी प्रतिनिधित्‍व कर चुके है।

अनुभव अग्रवाल

नेशनल क्रिकेट कोचिंग सेंटर (एनसीसीसी) के तेज गेंदबाज अनुभव अग्रवाल के पिता किसान है, अनुभव ने 17 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना प्रारंभ किया था। कोलार में रहने वाले अनुभव को कोच भुवन शुक्‍ला ने प्रशिक्षित किया है। भुवन खुद भी बेहतरीन गेंदबाज रहे हे। भुवन ने बताया कि अनुभव में सीखने की ललक है, उसने इस मुकाम तक पहुंचने में बहुत मेहनत की है। यह उसका पहला पहला सत्र था, पहली बार में ही उसने अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा है। फाइनल मुकाबले में मुंबई को शुरुआती झटके अनुभन ने दिए थे।

पुनीत दाते

अंकुर अकादमी के होनहार तेज गेंदबाज पिछले कई सालों से मप्र रणजी टीम का हिस्‍सा रहे हे। सेमीफाइनल मुकाबले में चोटिल होने के कारण वह फाइनल मुकाबले में नहीं उतर सके थे। पुनीत ने इस सत्र मे दो मुकाबले खेले और छह विकेट झटके थे, इसके अलावा 59 रनों की एक अर्धशतकीय पारी भी खेली थी। सलैया स्थित आकृति इको सिटी के रहने वाले पुनीत को कोच जेपी त्‍यागी ने तैयार किया है।

राहुल बाथम

अंकुर अकादमी के राहुल बाथम अंडर 19 वर्ल्‍ड कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्‍व कर चुके है। उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्‍हें मप्र टीम में शामिल किया गया। लेकिन उन्‍हें एकादश में मौका नहीं मिला था। रोशनपुरा स्थित बाणगंगा बस्‍ती में रहने वाले राहुल को कोच जेपी त्‍यागी ने प्रशक्षित किया है। उन्‍होंने कहा कि राहुल को मौका मिलेगा तो वह भी खुद को साबित कर देगा। राहुल के पिता प्राइवेट नौकरी करते है। राहुल कुशल गेंदबाज के साथ ही उपयोगी बल्‍लेबाज भी है।

अरहम अकील

सेंट माइकल अकादमी के अरहम अकील हरफनमौला खिलाड़ी है, मप्र की अंडर 25 में शानदार पारियां खेलकर उन्‍होंने मप्र की सीनियर टीम में अपना स्‍थान पक्‍का किया था। मप्र की संतुलित टीम होने के कारण अरहम को मौका नहीं मिला है। अरहम के पिता प्राइवेट काम करते और बाबेआली मैदान के पास ही रहते है। सेंट माइकल अकादमी के मुख्‍य कोच रहे स्‍वर्गीय सैयद शकील मोहम्‍मद के मार्गदर्शन में उनका खेल करियर आगे बड़ा है। वर्तमान में अबान शकील मोहम्‍मद और हिबा शकील मोहम्‍मद उन्‍हें सहयोग दे रहे है।

Posted By: Lalit Katariya

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