धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। तीन तलाक पर कानून बनाने वाली मोदी सरकार के सामने अब हिंदू युवतियों को बचाने की नई चुनौती आने वाली है। गैर हिंदू से शादी के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) देशव्यापी अभियान चलाएगी। हिंदूवादी संगठन ऐसे मामलों को लव जिहाद कहते हैं। इस पर रोक के लिए विहिप कानून लाने का दबाव मोदी सरकार पर बनाने की तैयारी में है। भोपाल में विहिप की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन शुक्रवार को एक रिपोर्ट पर लंबी चर्चा हुई। इसमें आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह भय्या जी जोशी भी शामिल हुए।

हिंदू युवतियों के गैर हिंदू, खासकर मुस्लिम युवाओं से शादी के मामलों पर केंद्रित इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे हैं। हिंदू युवतियों से शादी को लव जिहाद कहते हुए बताया गया है कि इसमें सोशल मीडिया का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। मुस्लिम युवक साजिशन नाम बदलकर हिंदू युवतियों से संपर्क करते हैं और उनसे शादी होने तक असलियत छुपाते हैं। कई मामलों में शादी के बाद युवतियों को अमानवीय यातनाएं तक देने की बात सामने आई है।

ड्राफ्ट बनाने से लेकर निगरानी भी

विहिप ने तय किया है कि लव जिहाद से निपटने के लिए वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि इसके लिए कानून बनाया जाए। विहिप से जुड़े कानूनी विशेषज्ञ इसका ड्राफ्ट उपलब्ध कराएंगे, जिसमें धर्म परिवर्तन कर विवाह से पहले शासकीय अनुमति की अनिवार्यता की बात होगी। साथ ही, कार्यकताओं की थाना क्षेत्र स्तर पर टीम बनेगी, जो ऐसे मामलों पर नजर रखेगी। सोशल मीडिया पर निगरानी की जिम्मेदारी ऐसे कार्यकर्ताओं को दी जाएगी, जो इन प्लेटफार्म पर सक्रिय उन लोगों की पहचान करने में माहिर हों, जो हिंदू प्रोफाइल बनाकर झांसा देते हैं।

घरों तक करेंगे संपर्क

विहिप जनजागरण अभियान चलाकर बताएगी कि लव जिहाद के मामले कैसे पकड़ें, इससे बच्चियों को कैसे बचाएं। जिस राज्य या शहर में ऐसे मामले अधिक होंगे, वहां विहिप के साथ बजरंग दल आंदोलन करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक लव जिहाद के पीछे कई गिरोह हैं, जो हिंदू युवतियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। उनकी पहचान की जाएगी। जो युवतियां साजिश का शिकार हो चुकी हैं, उनके माता-पिता को कानूनी मदद दी जाएगी।

कानूनी जामा पहनाने का बनाएगी दबाव

विहिप की केंद्र सरकार से मांग है कि ऐसा कानून बने जिसमें हिंदू युवती को दूसरे धर्म के युवक से शादी के लिए कानूनन अनुमति अनिवार्य हो। हिंदू युवती का अन्य धर्म या परंपरा के तहत विवाह कराना हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के खिलाफ है।

मध्य प्रदेश में है कानून

मध्य प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बना हुआ है। इसके तहत धर्मांतरण से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य है।

जिस तरह लालच देकर धर्मांतरण अपराध है, उसी तरह भ्रम में रखकर या सोशल मीडिया में पहचान छुपाकर विवाह करना भी अपराध है। लव जिहाद के ज्यादातर मामलों में भी ऐसा ही होता है। अभी भी स्पेशल मैरिज एक्ट जैसे कानून हैं पर जिस तरह से ऐसे मामलों में साइबर अपराध बढ़ रहा है, उसे रोकने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। - केपी श्रीवास्तव, एडवोकेट, भोपाल

Posted By: Prashant Pandey

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