प्रत्येक घटना की जांच के लिए दावा अधिकरण गठित होगा, सिविल न्यायालय की रहेंगी शक्तियां

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक की तरह मध्य प्रदेश में भी पत्थरबाजों से सरकारी व निजी संपत्ति को होने वाले नुकसान की वसूली की जाएगी। इसके लिए शिवराज सरकार 'लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण व नुकसानी की वसूली विधेयक-2021' विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत करेगी। गृह विभाग ने प्रस्तावित विधेयक का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसे आगामी कैबिनेट में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नुकसान की राशि का निर्धारण दावा अधिकरण करेगा। यह घटना विशेष के लिए गठित होगा।

गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को बताया कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए। ऐसा करने वालों से सरकार अब सख्ती से निपटेगी। इसके लिए सरकार नया कानून लाने जा रही है। इसके प्रारूप को कैबिनेट का अनुमोदन मिलने के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा सांप्रदायिक दंगा, हड़ताल, बंद, प्रदर्शन, मार्च, जुलूस, सड़क यातायात अवरुद्ध करने या किसी अन्य कारण से संपत्ति को नुकसान होता है तो क्षति का निर्धारण दावा अधिकरण करेगा। दोषी व्यक्ति यदि जुर्माना देने में आनाकानी करता है तो उसकी संपत्ति नीलाम करके प्रभावित व्यक्ति को राशि दिलाई जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि अधिकरण के पास सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां रहेंगी। राशि वसूली के साथ आरोपित के खिलाफ आपराधिक प्रकरण अलग से दर्ज कराया जा सकेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हुई थी पथराव की घटना कुछ समय पहले उज्जैन में रामभक्तों पर उस वक्त पथराव किया गया था, जब वे जनजागरण यात्रा निकाल रहे थे। इसके कुछ दिन बाद इंदौर के सांवेर में भी अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए निकाली जा रही जनजागरण रैली पर पत्थर फेंके गए थे।

भोपाल के करोंद स्थित अमन कालोनी में लूट के आरोपित को पकड़ने गई पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कानून बनाने के निर्देश दिए थे। नुकसान का आकलन करने नियुक्त होगा अधिकारी प्रारूप के अनुसार संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के मामले में जिला मजिस्ट्रेट या उस संपत्ति के प्रभारी अधिकारी द्वारा याचिका दावा अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

गृहमंत्री ने कहा कि निजी संपत्ति के मामले में प्रभावित व्यक्ति को आवेदन करना होगा। नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए दावा अधिकरण आदेश पारित करेगा। यह प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी करनी होगी। नुकसान की भरपाई निश्चित समय सीमा में करनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो क्षतिपूर्ति राशि पर ब्याज भी वसूला जाएगा।

निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए नहीं है कोई प्रविधान

गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी हड़ताल, धरना-प्रदर्शन, दंगा, बलवा आदि में निजी संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई का कोई प्रविधान नहीं है। प्रीवेंशन आफ डैमेज टू पब्लिक प्रापर्टी अधिनियम 1984 में लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर पांच साल तक की सजा का प्रविधान जरूर है। भारतीय दंड विधान संहिता में भी बलवा, दंगा और हिंसात्मक गतिविधियों पर कार्रवाई का प्रविधान है लेकिन पत्थरबाजी इसमें शामिल नहीं है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local