बच्चों से सामाजिक-आर्थिक समस्या हल करने वाला प्रोजेक्ट दें

- मिंटो हॉल में हुआ विज्ञान मंथन यात्रा का समापन

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

दुनिया को बदलने में विज्ञान की अहम भूमिका है। विज्ञान की बदौलत ही अमेरिका,यूरोप और अन्य राष्ट्रों को पीछे छोड़ा जा सकता है। हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विज्ञान को सबसे अधिक महत्व दिया था। यह कहना है विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पीसी शर्मा का। वे मिंटो हॉल में मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से आयोजित विज्ञान मंथन यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नेहरूजी ने देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया और पूरे देश में राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की स्थापना की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख व सलाहकार डॉ.देवप्रिय दत्ता ने कहा कि विज्ञान का उद्देश्य समाज की भलाई और आर्थिक विकास है। विज्ञान मंथन यात्रा पर गए बच्चों को प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक समस्या हल करने वाला प्रोजेक्ट देना चाहिए।

कुपोषण का सामना करने बनाएं प्रोजेक्ट

विशेष अतिथि एम्स के निदेशक डॉ.सरमन सिंह ने कहा कि मप्र में आज भी सबसे ज्यादा लोग कुपोषण से प्रभावित हैं। विज्ञान मंथन यात्रा में शामिल बच्चों को कुपोषण की चुनौती का सामना करने के लिए एक प्रोजेक्ट बनाकर इसमें योगदान करना चाहिए। विशेष अतिथि आरजीपीवी के कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि इस यात्रा की पृष्ठभूमि से एक विजन जुड़ा है,जिसका उद्देश्य प्रदेश के बच्चों को वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करना और प्रदेश को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम में परिषद के महानिदेशक डॉ. आरके आर्य सहित अन्य सदस्य और छात्र उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network