भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। व्रत पूर्णिमा रविवार को मनाई जाएगी। रवि योग में व्रत पूर्णिमा पर सूर्य का मेष से वृष राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन भगवान सत्य नारायण की कथा का विशेष महत्व होता है। पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि सूर्य जब मेष से वृष राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे वृष संक्रांति कहते हैं। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उस दिन का महत्व पर्व की तरह माना जाता है। एक साल में सौर मास के हिसाब से 12 संक्रांतियां आती हैं।

संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्‍य अर्पित करें और इस समय में सूर्य के 12 नाम मंत्रों का जप करना चाहिए। सूर्य पंच देवों में से एक हैं। सूर्य हनुमान जी के गुरु भी हैं। हर शुभ काम की शुरुआत में सूर्यदेव की भी विशेष पूजा जरूर की जाती है। जो लोग रोज सूर्य को अर्घ्‍य अर्पित करते हैं, उन्हें जीवन में सफलता, सुख-शांति के साथ ही मान-सम्मान भी मिलता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति ठीक नहीं है तो उसे रोज सूर्य को जल जरूर चढ़ाना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाने से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। एकाग्रता बनी रहती है। धर्म लाभ के साथ ही इस शुभ काम से स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। सुबह-सुबह सूर्य की किरणें हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं। किरणों से विटामिन डी मिलता है, इसीलिए सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

पूजा विधि

सुबह स्नान के बाद सूर्य को तांबे के लोटे से जल चढ़ाना चाहिए। ध्यान रखें स्टील या लोहे के लोटे से जल न चढ़ाएं। तांबा सूर्य की धातु है। इसलिए तांबे के लोटे को प्राथमिकता दें। लोटे में पानी भरें, चावल, रोली, फूल पत्तियां भी डाल लें। इसके बाद जल चढ़ाते समय सूर्य के 12 नाम वाले मंत्र का जाप करें। सूर्य को अघ्र्य देते समय पानी की जो धारा जमीन पर गिरती है, उस धारा से सूर्य देव के दर्शन करना चाहिए। सूर्य को सीधे नहीं देखना चाहिए। अघ्र्य देने के बाद जमीन पर गिरे पानी को अपने सिर पर लगाना चाहिए।

डिसक्लेमर - 'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local