VYAPAM Scam: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले के सरगना डॉक्टर जगदीश सागर के रिश्तेदार पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एफआइआर दर्ज कर दी है। आरोपित ने वर्ष 2013 में साल्वर की मदद लेकर पुलिस आरक्षक की भर्ती परीक्षा पास की की थी। आरोपित ने इसके लिए तीन लाख रूपये भी दिए थे। ऐसा एसटीएफ को जांच के दौरान पता चला है।

मालूम हो कि व्‍यापमं घोटाले का मास्‍टरमाइंड जगदीश सागर भिंड जिले के गोहद के पास गांव का रहने वाला है। उसने ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पास करने के बाद इंदौर मेडिकल कॉलेज में पीजी किया था। इस दौरान वह प्री मेडिकल टेस्ट से जुड़े फर्जीवाड़े में जुट गया था। उस पर आरोप है कि उसने कई लोगों को फर्जी तरीके से पीएमटी की परीक्षा पास कराकर उन्‍हें मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाए थे। अब ताजा मामला उसके रिश्तेदार का सामने आया है। व्‍यापमं घोटाले में एसटीएफ की ओर से दर्ज यह 17वीं एफआइआर है। इस संदर्भ में एसटीएफ एसपी नवीन चौधरी का कहना है कि व्यापमं ने सात अप्रैल 2013 को पुलिस आरक्षक भर्ती आयोजित की थी। इसमें मेला ग्राउंड रोड थाटीपुर ग्वालियर निवासी वीरेश कुमार जाटव भी शामिल हुआ था। ओएमआर शीट की जांच में सामने आया है वीरेश जाटव ने अपने स्थान पर सॉल्‍वर को बैठाकर परीक्षा उत्‍तीर्ण की। यहां तक कि उसने शारीरिक परीक्षण में भी अपनी जगह दूसरे व्यक्ति को भेजा था। ओएमआर शीट की जांच में पाया गया कि उसके अंगुली चिन्ह का मिलान नहीं हो रहा है। अक्टूबर 2013 में आरोपित पुलिस विभाग में आमद दर्ज कर दी थी, उसे भोपाल में तैनाती मिली थी।

मास्टरमाइंड का करीबी रिश्तेदार:- व्यापमं गड़बड़ी के मास्टरमाइंड जगदीश सागर और वीरेश आपस में रिश्तेदार हैं। वीरेश ने पुलिस आरक्षक बनने के लिए करीब तीन लाख रूपये का खर्चा किया था। आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local