भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों को शुद्ध मिठाई मिलना सुनिश्चित करने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य करने का नियम एक जून से लागू करना तय किया है। इस नियम को लागू करने के लिए अभी तक केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन नहीं आई है। यह नियम राज्यों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों को लागू करना है। इसके तहत स्थानीय मिठाइयों की दुकानों में परातों पर एक्सपायरी डेट लिखनी होगी। लोकल मिठाई दुकानदारों से कहा है कि वे अपने प्रोडक्ट के बारे में बताएं कि वह कब बनी है और उसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है। एफएसएसएआई के ऑर्डर में राज्यों के फूड सेफ्टी कमिश्नर से निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। उपभोक्ता संरक्षण दिवस के मौके पर हमने एफएसएसएआई के निर्देश को लेकर शहर में जिम्मेदार विभाग की तैयारियों के बारे में जाना तथा व्यापारियों और उपभोक्ताओं से इस बारे में चर्चा की।

ऑर्डर और चुनौती : एफएसएसएआई ने ऑर्डर जारी करते हुए बताया है कि बासी और एक्सपायर्ड मिठाई बेचने को लेकर लगातार शिकायतें मिली हैं। यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। सार्वजनिक हित और फूड सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए यह तय किया गया है कि खुले में बिकने वाली मिठाइयों के पैकेट पर मैनुफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखना होगा। यह आदेश एक जून 2020 से प्रभावी होगा। इध्ार नए नियमों को लेकर कई व्यापारी संगठन विरोध्ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम एफएसएसएआई के साथ हैं,लेकिन कुछ चीजों को लागू करना कठिन होता है। दूध्ा से बने कई उत्पादों की लाइफ सीमित समय के लिए होती है। कुछ दुकानों में ऐसे 200-300 प्रोडक्ट तक होते हैं और सभी पर लेबल लगाना कठिन है क्योंकि सभी की शेल्फ लाइफ अलग-अलग है। वहीं राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक इस नियम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से गाइड लाइन आना बाकी है।

अभी यह है हाल : मिठाई की दुकान में खुले में रखी मिठाई को लेकर कई बार हम सोचते हैं कि पता नहीं कब की मिठाई होगी। ताजा होगी या नहीं? खरीदें या न खरीदें? हां ना करते हुए मिठाई हम घर ले आते हैं। घर आने के बाद उसे खाने पर आभास होता है कि मिठाई अच्छी नहीं है। तब हम ठगा सा महसूस करते हुए रह जाते हैं। अभी दुकानों में मिलने वाली मिठाइयों को आपको सिर्फ दुकान वाले के भरोसे और अपने अनुमान से ही खरीदना पड़ता है।

वैसे नए नियम के बारे में कोई स्प्ष्ट जानकारी नहीं है। वैसे हम तो मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हैं। नया नियम यदि लागू हुआ तो कुछ दूध के प्रॉडक्ट बनाना बंद करना पड़ सकता है। -राजू गुप्ता, होटल संचालक न्यू सुभाष नगर

अभी मैं लंबी छुट्टी से आया हूं। एफएसएसएआई के नियमों की पूरी जानकारी नहीं है और अभी कोई तैयारी भी नहीं है। उपभोक्ता हित में जो नियम बन रहे हैं उनका हम पालन करेंगे। -रज्जन ठाकुर मैनेजर मनोहर डेयरी, एमपी नगर

एफएसएसएआई की एडवायजरी के मद्देनजर जल्द ही होटल संचालकों की मीटिंग बुलाई जाएगी। विस्तृत गाइड लाइन आते ही इस संबंध में लिखित आदेश जारी किया जाएगा। यह कोई जटिल कार्य नहीं है। दुकानदार शोकेश ट्रे में अभी भी रेट और मिठाई का प्रकार तो लिखते ही हैं, अब उन्हें बनाने की तिथि और एक्सपायरी डेट भी लिखनी होगी। इस नए नियम से ग्राहक और व्यापारी दोनों को लाभ है। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य विभाग मानीटरिंग कर ही रहा है। - डीके वर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भोपाल

Posted By: Prashant Pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020