भोपाल/ सीहोर। बुधनी ब्लाक के शाहगंज के पास जहानपुर से भोपाल के लिए पानी की सप्लाई होती है, लेकिन गुरुवार को आइ तेज आंधी से यहां लगे 33 हजार केवी बिजली के टावर टूटकर गिर गए, जिससे पिछले तीन दिनों से पानी सप्लाई प्रभावित हो रही है। हालांकि अभी तक बिजली विभाग ने दो टावर तैयार कर लिए हैं, वहीं तीन टन्य टावर काे खड़ा किया जा रहा है, जिसमें दो दिन का और समय लग सकता है। बिजली विभाग का अमला लगातार टावर तैयार करने में जुटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम करीब चार बजे ग्राम जहानपुर में तेज आंधी-तूफान व बारिश हुई थे। इससे यहां खेतों में लगे 33 हजार केवी के टावार टूटकर गिर गए थे, जिससे यहां की बिजली स्पलाइ प्रभावित हो गई थी। खास बात यह है कि इस बिजली लाइन से जहानपुर के पास हिरानी इंटकवेल से हर रोज 180 एमएलडी (18 सौ लाख लीटर) पानी की सप्लाइ भोपाल की प्रभावित हो गई। जिसको सुचारू करने के लिए बिजली कंपनी के आला अधिकारी खेतों में टेेंट लगाकर टावरों की मरम्मत कराकर खड़ा कर रहे हैं। यहां होशंगाबाद से दो फीडर आए है, जिसमें से एक फीडर खटपुरा नर्मदा परियोजना के लिए गया है और दूसरा फीडर शाहगंज के लिए आया है। इसका काम तो तत्परता से किया जा रहा है। अभी तक दो टावर खड़े किए जा चुके है। हाल फिलहाल शाहगंज क्षेत्र को बुधनी व बक्तरा क्षेत्र को दिगवाड़ से बिजली सप्लाई अस्थाई तौर पर की जा रही है। वहीं अन्य तीन टावर दो दिन में खड़े करने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद ही नर्मदा परियाेजना से जल सप्लाई शुरू की जा सकेगी। हालांकि अस्थाई कनेक्शन देकर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई थी।

जहानपुर व चाचमउ के बीच गिरे थे 50 पोल

गुरुवार को आइ आंधी से करीब 50 पोल गिर गए थे, जिसमें से कुछ खड़े किए जा चुके हैं और कुछ का काम चल रहा है। हालांकि टावर गिरने से किसानों की मूंग की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। एक तरफ जहां बिजली नहीं होने से पानी नहीं मिल पा रहा है, वहीं हरे खेतों में से बड़ी संख्या में वाहन गुजर रहे है, जिससे मूंग की फसल प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि विद्युत वितरण कंपनी ने मौखिक रूप से मुआवजा देने की बात कही है, लेकिन अभी लिखित में कोई दस्तावेज नहीं हैं।

एक किमी अंदर ही हुआ नुकसान

गुरुवार को तेज आधी-तूफान से जहां जहानपुर क्षेत्र के एक किमी में ही इसका असर दिखाई दिया। गुरुवार शाम करीब चार बाजे आइ आंधी से कई घरों को छप्पर व कबेलू उड़ गए, वहीं 33 हजार केवी के पांच टावर टूट गए। जबकि बरखेड़ा से दहोटा घाट से तेज बारिश व ओला गिरे थे। जबकि शाहगंज में आधी-तूफार व बारिश का असर नहीं दिखा।

Posted By: Lalit Katariya

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