भोपाल। प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने के साथ ही मानसून ट्रफ के गुना से होकर गुजरने से प्रदेश के अनेक स्थानों पर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने सोमवार-मंगलवार को राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, खंडवा, खरगोन में भारी बरसात होने की संभावना जताई थी। इसका असर भी नजर आ रहा है।

आज सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। खरगोन में ही पिछले 24 घंटे में एक इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा नरसिंहपुर जिले में भी मानसून सक्रिय हो गया है। कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम बारिश हो रही है। वहीं बरगी और तवा बांध में पानी आने से सोमवार दोपहर 12 सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 953 फीट तक पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 11 फीट नीचे है। पिछ्ले 24 घण्टे में होशंगाबाद में 53 मिली व पचमढ़ी में 61 मिली बारिश हुई है।

24 घंटे में खरगोन जिले में एक और भीकनगांव में दो इंच बारिश

जिले में पिछले 24 घंटे में औसत 1 इंच बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश करीब दो इंच बारिश भीकनगांव में हुई। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार जिले में रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 28.2 मिमी औसत बारिश हुई। वहीं भीकनगांव में 48 मिमी, खरगोन में 38.6 मिमी, गोगावां 42 मिमी, सेगांव 16 मिमी, भगवानपुरा 32 मिमी, झिरन्या 26 मिमी, बड़वाह 8 मिमी, सनावद 12 मिमी, महेश्वर 34 मिमी, कसरावद 31 मिमी बारिश हुई।

जिले में अब तक 644.8 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। गत वर्ष अब तक 615.8 मिमी हुई थी। सोमवार को भी नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। महेश्वर में रविवार को नर्मदा के जलस्तर में तीन मीटर की बढ़ाेतरी हुई है। सोमवार को भी जिले में हल्की बारिश का दौर जारी है। रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

रविवार को इन जिलों में हुई भारी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक रविवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सागर में 55, रतलाम में 32, मलाजखंड में 28, ग्वालियर में 25.3, पचमढ़ी में 24, खजुराहो में 22.4, बैतूल और नरसिंहपुर में 19, खंडवा में 17, जबलपुर और नौगांव में 15, गुना और धार में 13, भोपाल में 7.2 मिमी बरसात हुई थी।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश एवं उसके आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। साथ ही हवा के ऊपरी भाग में 1.5 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना है। मानसून द्रोणिका (ट्रफ) अनूपगढ़ सीकर गुना से उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश से पेंड्रा रोड, झारसुगुड़ा, पुरी से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और गंगा के पश्चिमी बंगाल एवं उड़ीसा के समुद्र तट पर 7.6 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती हवा का घेरा बना है। इस सिस्टम के प्रभाव से 28 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे सिंतबर के पहले सप्ताह में भी अच्छी बरसात होने के आसार हैं।