भोपाल। तीन मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का मप्र के ऊपर टकराव (संविलन) हो रहा है। इस वजह से शुक्रवार रात से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों ने रविवार-सोमवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद संभाग और हरदा जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सतना, रीवा, सिंगरौली में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शनिवार को सुबह 8:30 बजे तक बैतूल में 86, ग्वालियर में 56, होशंगाबाद में 52, गुना में 51, रायसेन और भोपाल शहर में 42, नौगांव में 40, पचमढ़ी में 32, भोपाल (एयरपोर्ट) में 25, इंदौर में 20, सागर में 18, जबलपुर में 11, उज्जैन और सतना में 7, दमोह में 2 मिमी. बारिश हुई।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि वर्तमान में ओडिशा कोस्ट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस सिस्टम में पिछले दिनों विदर्भ पर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवात भी शामिल (मर्ज) हो गया है।

मानसून ट्रफ रीवा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रहा है। इसके अतिरिक्त गुजरात के दक्षिणी भाग पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण अरब सागर से बड़े पैमाने पर नमी के आने का सिलसिला जारी है।

सरवटे के मुताबिक ओडिशा कोस्ट पर बने सिस्टम और गुजरात पर बने चक्रवात के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का मप्र के ऊपर टकराव हो रहा है। शुक्रवार रात से बनी इस स्थिति के कारण ही पूरे प्रदेश में तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। इस तरह की स्थिति अभी 2-3 दिन तक बनी रह सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी आशंका है।