भोपाल। बंगाल की खाड़ी से चलकर छत्तीसगढ़ तक पहुंचे ऊपरी हवा के चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कई स्थानों पर दो दिन अच्छी बारिश हुई। लेकिन यह सिस्टम मप्र में थमने के बजाए तेजी से आगे बढ़कर उत्तरी महाराष्ट्र क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की आशंका बढ़ गई है।

हालांकि, इस सिस्टम के असर से गुजरात से सटे इंदौर व उज्जैन संभाग में कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। उधर, रविवार को सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे के बीच उज्जैन में 6, भोपाल में 5, इंदौर में 3, उमरिया में 3, ग्वालियर में 1.4 मिमी. पानी गिरा।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पिछले दिनों दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ था। इस सिस्टम के असर से मप्र के अनेक स्थानों पर दो-तीन दिन तक अच्छी बारिश हुई। इस सिस्टम के आगे बढ़कर मप्र में थमने की उम्मीद थी, लेकिन यह सिस्टम तेजी से आगे बढ़कर उत्तर-मध्य महाराष्ट्र में पहुंच गया है।

इससे फिलहाल मप्र में अच्छी बारिश की संभावना क्षीण हो गई है। लेकिन इस सिस्टम के प्रभाव से गुजरात से लगे मप्र के इंदौर और उज्जैन संभाग के क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के शेष स्थानों पर स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। शुक्ला के मुताबिक 5-6 दिन बाद बंगाल की खाड़ी में फिर किसी सिस्टम के बनने की उम्मीद है। उसके बाद ही प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।