भोपाल। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल बनाई गईं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश होगी कि वंचित-शोषित वर्ग के साथ समाज के हर वर्ग को न्याय दिला सकूं।

नवदुनिया के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद के योग्य समझा, इसके लिए वे आभारी हैं। उइके बोलीं कि आयोग में रहते हुए भी उन्होंने वंचित वर्ग की भलाई में कोई कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि समाज के आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय मिले, ये उनकी प्राथमिकता होगी।

छिंदवाड़ा में जश्न का माहौल

राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर उइके ने खुशी जाहिर की है। साथ ही पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संवैधानिक पद पर काम करने की बात कही। छिंदवाड़ा जिले की मूल निवासी अनसुइया उइके पूर्व में राज्यसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। वे जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगी। राज्यपाल बनने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। पूरे जिले में जश्न का माहौल है।

कमलनाथ लाए थे राजनीति में

दीदी के नाम से मशहूर अनुसुइया उइके छिंदवाड़ा जिले के दमुआ ब्लॉक की रहने वाली हैं। वे 1982 में शासकीय महाविद्यालय तामिया में सहायक प्राध्यापक के रूप में पदस्थ थीं।

मध्यप्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें राजनीति में लाए। 1984 में दमुआ से विधायक बनने के बाद अर्जुन सिंह सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रहीं। इससे पहले उइके मप्र अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 2006 से 2012 के बीच वे राज्यसभा में सदस्य रहीं।