भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में स्‍थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) की आंतरिक शिकायत समिति (आइसीसी) की ओर 06 दिसंबर, 2021 को ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में लैंगिक संवेदीकरण बढ़ाने की आवश्यकता’ विषय पर विशेष व्याख्यान सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर मणिपाल अकेडमी ऑफ़ हायर एजुकेशन कर्नाटक की प्रो. नंदिनी लक्ष्मीकांत ने लैंगिक संवेदीकरण की बारीकियों पर बात की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने की। मुख्य वक्ता प्रो. नंदिनी लक्ष्मीकांत ने प्रजेंटेशन के माध्यम से पुरुष और स्त्री, दोनों के नज़रिए से जेंडर से जुड़े क़ानून और उनके उपयोग को बताया। उन्होंने शाब्दिक, अशाब्दिक, शारीरिक भाषा, भाव-भंगिमा और छूने के तौर-तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर हमें प्रोफेशनल आचार-व्यवहार का पालन करना चाहिए। लैंगिक भेदभाव और लैंगिक शोषण के प्रति स्वयं भी जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। प्रजेंटेशन के बाद उन्होंने जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

आंतरिक शिकायत समिति के गठन पर जोर

इस अवसर पर संस्‍थान के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों की यह अतिरिक्त जिम्मेदारी है कि वे लैंगिक संवेदीकरण के प्रति समाज में जागरूकता लाएं। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में विशाखा गाइडलाइन के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने इस तरह की समिति का गठन करके एक पहल की है। विश्वविद्यालय की यह समिति लैंगिक संवेदीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष प्रो. पी. शशिकला ने विषय की प्रस्तावना रखी। कार्यक्रम का संचालन समिति के सदस्य एवं सहायक कुलसचिव विवेक सावरिकर ने किया।

Posted By: Ravindra Soni

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