जेंडर आधारित हिंसा को लेकर आयोजित कार्यशाला में बोले सीईओ

जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 23 दिसंबर तक चलेगा राष्ट्रीय अभियान

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। महिलाओं को सामाजिक स्तर पर घर, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलना चाहिए। जेंडर आधारित हिंसा को कड़ाई से रोका जाना चाहिए। इसके लिए न केवल सभी में जागरूकता आवश्यक है, बल्कि संबंधित कानूनी प्रावधानों में कार्रवाई भी जरूरी है।

यह बात मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल बेलवाल ने कही। वे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय भोपाल में जेंडर आधारित हिंसा को लेकर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। राज्य परियोजना प्रबंधक अनीता वात्सल्य ने कार्यशाला का संचालन किया। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय और निश्शक्तजन कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यशाला में बताया गया कि जेंडर आधारित हिंसा को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि उसे समझा और पहचाना जाए, उसके खिलाफ आवाज उठाई जाए, उससे निपटने के लिए समर्थन लिया जाए और लिंग आधारित हिंसा से लड़ रहे लोगों के प्रति एकजुटता व समर्थन दिखाया जाए।

इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 112, साइबर सेल के नंबर 1930, परामर्श सेवा, मनोचिकित्सक सहायता एवं वन स्टाप सेंटर के संबंध में जागरूकता आवश्यक है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में लिंग आधारित हिंसा, बाल श्रम, बाल विवाह आदि विषयों पर परिचर्चा, निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, प्रभात-फेरी, बेड टच-गुड टच आदि पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बता दें कि देश में जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 23 दिसंबर तक राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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