भोपाल, ब्यूरो। प्रदेश में महिलाओं पर होने वाले अपराधों का क्राइम रेट बढ़ गया है। इनमें हत्या का प्रयास, दहेज प्रताड़ना, आगजनी, ट्रैफिकिंग, उत्पीड़न, अपहरण और प्रताड़ना के मामले शामिल हैं। जबकि आत्महत्या, गंभीर मारपीट व हत्या के मामलों में कमी आई है। हालांकि यह काफी मामूली है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में महिलाओं की तस्करी के मामले एक साल में पांच गुना तक बढ़ गए हैं। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय की महिला अपराध शाखा की रिपोर्ट में हुआ है।

रिपोर्ट वर्ष 2014, 2015 और 2016 (जून) तक के आंकड़ों पर आधारित हैं। इसमें महिलाओं पर होने वाले 20 तरह के अपराधों की समीक्षा की गई है। जिनमें से 10 तरह के अपराधों का प्रतिशत काफी बढ़ गया। खास बात यह है कि वर्ष 2014 की अपेक्षा 2015 में क्राइम रेट काफी कम हो गया था, लेकिन इस वर्ष यह फिर बढ़ गया है।

दुष्कर्म के मामलों में आई गिरावट

दुष्कर्म के मामलों में जरूर तीन प्रतिशत की गिरावट हुई है, लेकिन प्रतिदिन पांच दुष्कर्म की घटनाएं वर्ष 2015-16 के बीच हुईं। जो कि चिंतनीय है। देखा जाए तो कुल 25860 मामले दर्ज किए गए जो कि पूर्व के वर्षों की तुलना में छह प्रतिशत ज्यादा थे।

तस्करी के मामले यहां ज्यादा

प्रदेश में महिलाओं बच्चियों की तस्करी के मामले जिन जिलों में सामने आ रहे है उनमें मंडला, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और बैतूल सहित रतलाम शामिल हैं। वहीं बाल-विवाह के मामले में सबसे ऊपर राजगढ़ जिला है। ग्वालियर, शिवपुरी भी इसमें शामिल है।

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