World AIDS Day 2020: भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में एचआइवी की सबसे ज्यादा संक्रमण दर (पॉजिटिविटी रेट) इंदौर में हैं। यहां 2005 से अब तक जांचे गए सैंपलों में 1.64 पॉजिटिव मिले हैं। मरीजों की सर्वाधिक संख्या के लिहाज से भी इंदौर पहले नंबर पर है। बुरहानपुर संक्रमण दर के मामले में दूसरे नंबर पर है। यहां सैंपल में 1.35 फीसद संक्रमित मिले हैं।

मप्र स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में फीमेल सेक्स वर्कर, इंजेक्शन से नशीली दवाएं लेने वाले व ज्यादा जोखिम वाले अन्य लोग अन्य शहरों से अधिक हैं। इस कारण वहां सक्रमण दर भी ज्यादा है। बुरहानपुर से ज्यादा लोग नौकरी के लिए मुंबई जाते हैं। वहां से संक्रमित होकर आते हैं।

68 फीसद संक्रमित 25 से 49 के बीच

प्रदेश में अब तक एचआइवी संक्रमितों में सबसे ज्यादा हिस्सा (68 फीसद) 25 से 49 साल की उम्र वालों का है। 25 से 34 साल के 34 फीसद और 35 से 49 साल के 35 फीसद हैं। 25 से 34 साल वालों में संक्रमण दर 2005 में 41 फीसद थी, जो घटकर 34 फीसद पर आ गई है, लेकिन 35 से 49 साल वालों में संक्रमण दर शुरू से लगभग वही है।

अब तक मिले मरीजों में 14 साल से कम उम्र वाले 6.25 फीसद, 15 से 19 साल के 9.83 और 50 साल से ज्यादा वाले 10 फीसद हैं। ब्लड के जरिए और मां से बच्चे को होने वाला संक्रमण कम हो रहा है, लेकिन यौन संपर्क से होने वाला पिछले 15 साल में तीन गुना बढ़ गया है।

कुल संक्रमितों में किस कारण से कितने संक्रमित फीसद में

यौन संपर्क से 87.72

खून के जरिए 0.91

सिरिंज से 3.64

मां से बच्चे को 3.45

अज्ञात कारण 1.32

कुल मरीजों में पुरुषों की संख्या 42680

पुरुष का प्रतिशत 61 फीसद

महिलाओं की संख्या 40878

महिलाओं का प्रतिशत 59

किन्नर 0.29

2005 से अक्टूबर 2020 तक मिले मरीज जिला मरीज इंदौर 12773 भोपाल 7006 जबलपुर 6787 ग्वालियर 3882 उज्जैन 3843 रीवा 3623 मंदसौर 2564

बड़वानी 1629 अब तक कुल संक्रमित मिले 69400 अब तक मौत 14801

इनका कहना है

दूसरे राज्योें की सीमा से लगे जिलों में मरीजों की संख्या व संक्रमण दर ज्यादा मिलती है। इसकी वजह यह है कि लोग काम के सिलसिले में बाहर जाते हैं और संक्रमित होकर आते हैं। जहां ज्यादा जोखिम वाले लोग हैं वहां सर्वे कराया जाएगा। इनमें सभी लोगों की नियमित जांचें कराने का लक्ष्य है। इंदौर में मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह यह है कि यहां दूसरे जिलों के लोग भी आकर जांच कराते हैं,उनकी गिनती इंदौर में हो जाती है।

- केडी त्रिपाठी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, मप्र राज्य एड्स नियंत्रण समिति

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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