World Aids Day 2022: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में हर वर्ष एचआइवी संक्रमण के चार हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। 2005 से अब तक प्रदेश में 78 हजार 844 संक्रमित मिल चुके हैं। यह हाल तब है जब केंद्र सरकार प्रदेश में एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष 35 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही है।

मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 2020 में तीन हजार 941 मरीज मिले थे, जबकि 2009 से आंकड़ा चार हजार से ऊपर था। कम मरीज मिलने की वजह यह थी कि कोरोना के चलते जांचें कम हुई थीं। गैर सरकारी संगठनों की सहायता से उच्च जोखिम वाले लोगों के बीच जागरूकता और जांच के लिए लगातार अभियान चलाने की बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। हालांकि, जांचों की संख्या बढ़ाने की वजह से संक्रमण दर (पाजिटिविटी दर) लगातार कम होते हुए 0.35 प्रतिशत पर आ गई है जो 2005 में 11.5 प्रतिशत थी।

54 हजार से ज्यादा होना चाहिए सक्रिय मरीज, पर हैं 45 हजार

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको ) के अनुमान के अनुसार प्रदेश में 54 हजार 773 सक्रिय मरीज होने चाहिए, पर अभी इनकी संख्या 45 हजार 89 है। यानी, नौ हजार से ज्यादा मरीज ऐसे हो सकते हैं जो संक्रमित हैं, लेकिन जांच नहीं होने की वजह से सामने नहीं आए हैं। सक्रिय मरीजों में 34 हजार 54 रोगी एआरटी केंद्रों में इलाज ले रहे हैं।

संक्रमितों के हित में चल रहीं कई योजनाएं

मप्र राज्य एड्स नियंत्रण समिति की उप संचालक ( सामाजिक सुरक्षा) सुनीला शर्मा राजा ने बताया कि एचआइवी संक्रमितों के लिए प्रदेश में कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चल रही हैं। स्वरोजगार योजनाओं में उनके लिए आरक्षण, द्वितीय श्रेणी में रेल किराया में 50 प्रतिशत तक की छूट, पीड़ितों के बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आश्रय गृह की स्थापना, निश्शुल्क विधिक सहायता, मनरेगा के तहत लाभ, अन्नपूर्णा योजना के तहत निश्शुल्क राशन देने का प्रविधान है।

Posted By: Prashant Pandey

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