दिगंबर जैन समाज के देशभर से श्रद्घालु होंगे शामिल

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

मध्य भारत के इतिहास में पहली बार दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट द्वारा आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि प्रसाद सागर, शैल सागर, निकलंक सागर महाराज के सानिध्य में 22 सितंबर रविवार को प्रथम धारा का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य जिनसेन स्वामी के जैन ग्रंथ आदि पुराण के अनुसार गर्व से आठवें साल में बालक की उपनीति क्रियाएं होती हैं। इसमें 8 वर्ष तक के बालक को भगवान जिनेंद्र का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु ने बताया कि प्रथम धारा कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों के बच्चों के रजिस्ट्रेशन अभिभावकों की ओर से कराए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन की तिथि 18 सितंबर तक है। वेबसाइट़इ ुुु.पैगरअचजचयच.यिेेि और ुुु.पैगअचजचयच.हिीा पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बाहर से पधारे बालक और अभिभावकों के लिए आवास व भोजन की संपूर्ण व्यवस्था निःशुल्क पंचायत कमेटी ट्रस्ट द्वारा की गई है। 108 कलशों से चौक जिनालय में मूलनायक भगवान आदिनाथ का महामतष्किाभिषेक

त्याग के मार्ग में समझैता नहीं होताः मुनि निकलंक सागर

आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि प्रसाद सागर, मुनि शैल सागर महाराज और मुनि निकलंक सागर के सानिध्य में दिगंबर जैन चौक मंदिर में मूलनायक भगवान आदिनाथ की अति प्राचीन प्रतिमा का 108 कलशों से महामष्तिकाभिषेक किया गया। संगीतमय स्वर लहरियों के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र के गुणों की वंदना की। चौक जिनालय में 24 घंटे से चल रहे निरंतर भक्तांबर पाठ का समापन भी हुआ। इस दौरान मुनि निकलंक सागर ने कहा कि राग दूर करने से ही वैराग्य मिलेगा। राग के मार्ग को छोड़े बिना वैराग्य का मार्ग प्रशस्त नहीं होता। त्याग किसी वस्तु मात्र को करने से नहीं होगा रागद्वेश की प्रवृत्तियों को छोड़ने से ही त्याग सार्थक होगा। त्याग के मार्ग में समझौता नहीं होता बल्कि दृढ़ निश्चय होता है तभी वैरागी की गाड़ी आगे बढ़ती है। मुनि ने कहा कि स्वार्थ एवं निःस्वार्थ दोनों जीवन के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि श्वांस यदि लेने की बात करते हो तो छोड़ने की बात भी करना होगी। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के समापन पर राजधानी के जैन मंदिरों में सामाजिक संगठन एवं मंदिर समितियों द्वारा सामूहिक क्षमावाणी एवं जल यात्रा के आयोजन शुरू हो जाएंगे। रविवार 15 सितंबर को थायराइट समस्या के निदान के लिए निःशुल्क शिविर चौक जैन धर्मशाला में सुबह सात बजे से लगाया जाएगा।

शाहजहांनाबाद जैन मंदिर में महाआरती

श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर शाहजहांनाबाद में पर्यूषण पर्व के समापन पर पंडित रामचंद्र शर्मा द्वारा 108 दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान की महाआरती की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय जैन ने बताया कि निरंतर एक घंटे तक 108 दीप प्रज्ज्वलित कर संगीत के साथ महाआरती की गई। जिनालय में पर्यूषण पर्व के समापन पर भक्तांबर पाठ के वाचन का आयोजन भी किया गया।