बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इस साल बारिश के बाद जिले की तस्वीर बदली नजर आएगी। चारों ओर हरियाली के साथ तालाबों व अन्य संरचनाओं में भरपूर पानी भी नजर आएगा। ये जल संरचनाएं सालभर पशु, पक्षियों की प्यास बुझाने के साथ ही भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने में भी सहायक सिद्घ होंगी। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार का साधन भी बनेंगी। दरअसल, इस बार बारिश के रूप में जमीन पर गिरने वाले अमृत को सहेजने के लिए जिला प्रशासन ने 104 तालाबों व अन्य संरचनाओं का निर्माण शुरू कराया है। बीते करीब एक माह से जारी जल संरचनाओं का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है। कई जगह पिचिंग का काम शुरू हो गया है।

बारिश शुरू होने से पहले अधिकांश संरचनाओं को पूरा कराने खुद कलेक्टर प्रवीण सिंह और सीइओ जिला पंचायत रोहित सिसोनिया भीषण गर्मी में इनका निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। जल संरचनाओं के निर्माण का फायदा स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के रूप में भी मिल रहा है। इनके निर्माण में सैकड़ों मजदूर जुटे हुए हैं। जिसके कारण इस बार जिले से मजदूरों का पलायन भी रुका है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री ने कम से कम 75 अमृत सरोवर तैयार करने का आह्वान किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुरहानपुर जिला प्रशासन ने इससे एक कदम आगे बढ़कर 104 अमृत सरोवरों का निर्माण शुरू कराया है।

गांवों में चल रहा जागरूकता अभियान

सीइओ जिला पंचायत रोहित सिसोनिया ने बताया कि जल संरचनाओं के निर्माण के साथ ही गांवों में जल यात्राओं का आयोजन किया गया है। जिला जल संसद और जल सम्मेलन भी आयोजित किए गए हैं। तालाबों के अलावा कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन, मेड़, बंधान, गेबीयन संरचना, फार्म पांड, लूज बार्डर संरचना आदि का निर्माण भी कराया जा रहा है। इस बीच ग्रामीणों को जल सहेजने और पानी की बचत के लिए प्रेरित करने जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इन संरचनाओं के निर्मााण में स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का सहयोग भी मिल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इन जल संरचनाओं के निर्माण करीब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। इसमें कुछ राशि जन सहयोग से भी जुटाई गई है।

जल संरचनाओं के ये चार फायदे

- जिले में तेजी से गिरते भूमिगत जलस्तर को ऊपर उठाया जा सकेगा। जिससे दम तोड़ चुके ट्यूबवेल भी जीवित हो सकेंगे।

- जल जीवन मिशन के तहत स्थापित परियोजनाओं के जलस्रोत रिचार्ज हो सकेंगे। जिससे लोगों को सालभर पेयजल मिलेगा।

- जल संरचनाओं के आसपास मौजूद खेतों को सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। जिससे किसान कई तरह की फसल ले सकेंगे।

- अमृत सरोवरों में स्व सहायता समूह की महिलाओं को मछली पालन की अनुमति दी जाएगी। जिससे उनकी आय में वृद्घि होगी।

वर्सन....

बारिश से पहले सभी अमृत सरोवरों व अन्य जल संरचनाओं को पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकांश तालाबों का काम अंतिम चरण में पहुंच रहा है। इनमें सहेजा गया बारिश का पानी कई तरह से उपयोगी साबित होगा।- रोहित सिसोनिया, सीइओ जिला पंचायत।

Posted By: Nai Dunia News Network

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