बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने शहर के इंदिरा कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल के खिलाफ बिना पढ़ाए पूरी फीस वसूलने और टीसी पर गलत शब्द लिखने सबंधी शिकायत की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को उन्होंने स्कूल संचालिका, जिला शिक्षा अधिकारी और शिकायत करने वाले पालक अरुण निंभोरकर व मनीष नामदेव के बयान दर्ज किए। पीड़ित अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने लॉकडाउन के समय न तो कोई वाट्सएप ग्रुप बनाया और न ऑनलाइन पढ़ाई कराई। बावजूद इसके उनसे पूरी फीस मांगी जा रही है। फीस नहीं देने पर उनके बच्चों की टीसी पर लिख दिया गया है कि इन्होंने फीस नहीं भरी और ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं की। जिसके कारण दूसरे स्कूल अब बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। करीब दो माह पहले उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर उन्होंने कलेक्टर प्रवीण सिंह से इसकी शिकायत की थी। अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि टीसी पर लिखे शब्दों को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बयान भी लिए गए हैं। इस तरह के शब्द टीसी पर नहीं लिखे जाते। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

पंद्रह माह से मानदेय नहीं मिलने पर कलेक्टोरेट पहुंचे कर्मचारी

बुरहानपुर। महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र के कर्मचारियों को बीते पंद्रह माह से मानदेय नहीं मिला है। जिसके चलते मंगलवार को वे कलेक्टोरेट पहुंच गए। कलेक्टर से मिलकर उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। साथ ही जल्द रुका मानदेय दिलाने की मांग की है। कर्मचारी अजय कुशवाहा ने बताया कि सेवा केंद्र प्रदेश के 5011 पंचायतों में संचालित हैं। यह परियोजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और सीएससी सेंटर के माध्यम से पंचायतों में चल रही है। कर्मचारियों को जुलाई 2020 से अब तक वेतन नहीं मिला है। जबकि कर्मचारी घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। कोरोना टीकाकरण में भी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारियों की माली हालत खराब हो गई है।

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