बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला और पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को शराब माफिया और ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ढाबे, पांच मकान जेसीबी से ढहा दिए। यह कार्रवाई शहर से लगी जैनाबाद की बलवाड़ टेकरी और इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर उतावली नदी के पास की गई। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद था, जिसके चलते पूरा इलाका छावनी जैसा नजर आ रहा था।

सुबह करीब 11 बजे एसडीएम केआर बड़ोले, सीएसपी बीपी वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत केके खेड़े पुलिस लाइन और थानों से बुलाए गए करीब 150 से ज्यादा जवानों के साथ सबसे पहले जैनाबाद में अवैध रूप से बनाए गए सागर ढाबा पहुंचे। ढाबे के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अन्य निर्माण जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। एक शेड की पंचायत से अनुमति होने और वहां मवेशी बंधे होने के कारण उसे नहीं ढहाया गया। अधिकारियों के मुताबिक यहां अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी।

इसके बाद अमला बलवाड़ टेकरी पहुंची। यहां उन्होंने शराब का अवैध करोबार करने वाले हरि पुत्र गनपत, कन्हैया पुत्र राधे, अमर चौहान, ताराचंद पुत्र सखाराम और भगवन पुत्र धन्नाू द्वारा अवैध रूप से बनाए गए मकानों को मजदूरों की सहायता से तोड़ना शुरू किया। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों ने दो जेसीबी मशीनें बुला लीं। जिनकी सहायता से मकानों को ढहाया गया। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा। कार्रवाई देखने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग आसपास जमा हो गए थे। भारी पुलिस बल होने के कारण हालांकि किसी ने विरोध नहीं किया। दोपहर तीन बजे सारे निर्माण जमींदोज करने के बाद टीम वापस लौटी। एसडीएम केआर बड़ोले ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कलेक्टर प्रवीण सिंह और पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा के मार्गदर्शन में शराब माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। आगे भी अन्य तरह के माफिया और गुंडा तत्वों की अवैध संपत्तियों को ढहाने की कार्रवाई जारी रहेगी।

ड्रग के साथ पकड़े गए सोहेल और बिलाल का ढाबा भी जमींदोज

बलवाड़ टेकरी में कार्रवाई के दौरान ही एक टीम तहसीलदार मुकेश कासिव के नेतृत्व में जेसीबी के साथ इंदौर-इच्छापुर हाइवे स्थित उतावली नदी पुल के पास पहुंची। यहां मौजूद रॉकी व दिल्ली हैदराबाद ढाबों को ढहाया गया। इस दौरान निंबोला थाना प्रभारी विक्रम सिंह बामनिया और थाने का बल मौजूद था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों ढाबे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। इनमें से एक रॉकी ढाबा गत दिनों एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए सोहेल कॉटनवाला और बिलाल का था। इसी ढाबे से वे अवैध गतिविधियों का संचालन करते थे। दूसरा ढाबा मदीना डेयरी के संचालकों का बताया गया है। तहसीलदार मुकेश कासिव के मुताबिक ढाबों से बरामद सामान का पंचनामा बनाकर जब्ती की जाएगी। इस सामान से ढाबों को ढहाने में आए खर्च की भरपाई होगी। सूत्रों की मानें तो दोनों ढाबों को शहर के एक बड़े कांग्रेसी नेता का संरक्षण प्राप्त था। दोनों ढाबों से 6-6 हजार रुपये हर माह किराया भी वसूला जाता था।

पुराने रिकार्ड को देखते हुए प्रशासन ने बदली रणनीति

बलवाड़ टेकरी के पुराने रिकार्ड को देखते हुए इस बार प्रशासन ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया था। अवैध शराब के गढ़ के रूप में कुख्यात बलवाड़ टेकरी में बीते सालों में कार्रवाई के दौरान पथराव और हमले की घटनाएं हो चुकी थीं। जिसे देखते हुए कलेक्टर प्रवीण सिंह और एसपी राहुल लोढ़ा ने एक दिन पहले ही कोटवारों को गांव भेजकर लोगों को अच्छी तरह समझाइश दिलाई थी। उन्हें चेताया गया था कि इस बार यदि उन्होंने कार्रवाई के विरोध में हमले जैसे घटना की तो जेल जाना पड़ सकता है। जिसके चलते अफसरों के पहुंचने से पहले ही जहां संबंधित लोगों ने मकान खाली कर दिए थे, वहीं कार्रवाई के दौरान किसी ने विरोध भी नहीं किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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