-प्रेसवार्ता में मुनि प्रणुतसागरजी महाराज ने कहा

बुरहानपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्राचीन समय में भारत देश विश्व में अध्यात्म व शिक्षा का गुरु था लेकि न देश की आज की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। वर्तमान में सरकारी स्कू लों में शिक्षा की व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता है। देश के नेताओं को चाहिए कि वे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के विशेष और ठोस कदम उठाएं। सरकारी स्कू लों की शिक्षा व्यवस्था सुधरेगी तो परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक स्तर अपने आप ही बेहतर हो जाएगा। इसके अलावा हालही में धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना सराहनीय कदम है। अखंड भारत के इस स्वर्ग को फिर से संवारा जाना चाहिए।

शहर में चातुर्मास के लिए पधारे जैन संत मुनि प्रणुत सागरजी महाराज ने प्रेसवार्ता में यह बात कही। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने पर बल दिया। वहीं वर्तमान शिक्षा में संस्कारों की शिक्षा दीक्षा के समावेश पर भी जोर दिया। युवा पीढ़ी को नए सिरे और नए तरीके से धर्म व अत्यात्म से जोड़ने के प्रयास करने की बात कही। प्रेसवार्ता में साध्य सागरजी महाराज ने भी अपनी बात रखी।

आगामी दिनों में रक्षाबंधन पर्व पर विश्व की सबसे छोटे कद की महिला नागपुर की ज्योति आमगे शहर आएंगी और जैन संत को राखी बांधेंगी। उनके कद और उन्हें बुलाने के उद्देश्य के विषय में सवाल के जवाब में मुनिश्री ने कहा कि ज्योति ने अपने छोटे कद के बावजूद इस संसार में अपनी विलक्षण प्रतिभा दिखाई है। उन्हें विभिन्न मंचों से पुरस्कृत कि या गया है। वहीं प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपनी कमजोरी को ही अपनी मजबूती बनाकर कु छ अलग काम करके दिखाएं जिससे उसे सफलता का शिखर और सम्मान जरूर मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेंद्र जैन भारती ने कि या। वहीं मुनिश्री ने समाज के डॉ. भारती, भागचंद पहाड़िया, नितिन जैन का सम्मान कि या।