- शादी के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस को सरगना प्रमोद की तलाश

बुरहानपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शादी के बाद रुपए और जेवर लेकर फरार होने वाली लुटेरी दुल्हन प्रियंका (परिवर्तित नाम) और उसके दो सहयोगियों की तलाश में जुटी पुलिस को मुक्तईनगर के रहने वाले प्रमोद नामक व्यक्ति की तलाश है। इस रैके ट का मास्टर मांइड माने जाने वाले प्रमोद को पकड़ने के लिए पुलिस टीम उसके मुक्ताईनगर स्थित मकान सहित अन्य ठिकानों पर दबिश दे चुकी है लेकि न वह बार-बार ठिकाना बदल रहा है। इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार एक अन्य आरोपित से पूछताछ में ज्यादा कोई जानकारी नहीं मिल पाने से उसे जेल भेज दिया गया है।कोतवाली पुलिस ने दस दिन पहले शादी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कि या था। इस मामले में एक आरोपित की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस इस रैके ट के मास्टर मांइड और लुटेरी दुल्हन की गिरफ्तारी तो दूर पुख्ता सुराग तक नहीं जुटा पाई है।

विदित हो कि शहर के पीएनटी कॉलोनी निवासी राहुल पिता भास्कर उपासनी से गत 27 जुलाई को इस लुटेरी दुल्हन ने फर्जी नाम और रिश्तेदारों की मौजूदगी में शादी की थी। इसके दो दिन बाद यानी 29 जुलाई को ही युवती धोखे से पति को जलगांव ले गई और वहां से बहाना बनाकर रफू चक्कर हो गई। छानबीन में सच्चाई का पता चलने के बाद युवक ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने महाराष्ट्र से एक आरोपित पंडित वानखेड़े को हिरासत में लिया था। उससे पूछताछ में पुलिस को इस रैके ट का मुख्य सरगना मुक्ताईनगर के प्रमोद के होने की जानकारी मिली थी। इस आधार पर कोतवाली थाने से एक टीम मुक्ताईनगर भेज कर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपित प्रमोद के मकान पर दबिश दी गई थी लेकि न वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका।

आरोपित के रिकॉर्ड और नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

पुलिस उसके रिकॉर्ड और नेटवर्क को खंगाल कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है। ठगी और धोखाधड़ी का शिकार हुए राहुल के साथ इसके पहले भी एक हादसा हो चुका है। वर्ष 2016 में एक सड़क हादसे के दौरान वह अपनी पत्नी और बच्चे को खो चुका है। इतना ही नहीं वह खुद भी एक पैर से दिव्यांग हो गया है। परिवार का बड़ा बेटा होने के कारण परिजन दूसरी शादी के लिए दबाव बना रहे थे। इसी बीच चिखली महाराष्ट्र के प्रमोद गायकवाड़ और पंडित वानखेड़े प्रियंका पिता योगेश पाटिल निवासी पारोला जलगांव के क्रमशः चाचा और मामा बनकर एक अन्य मध्यस्थ के जरिये उन तक पहुंचे। उन्होंने प्रियंका की फोटो दिखाई और युवती पसंद आने के बाद शादी के नाम पर वानखेड़े ने एक लाख रुपए मांगे। साथ ही दुल्हन के लिए सोने के जेवरों की डिमांड भी रखी। भरोसे में आकर उपासनी परिवार ने एक लाख रुपए नकद और करीब 40 हजार रुपए के जेवर युवती को दे दिए। जिसके बाद 27 जुलाई को शनवारा स्थित मंदिर में उनकी शादी हो गई। शादी के दो दिन बाद ही योजना के मुताबिक प्रियंका ने राहुल से जलगांव में रहने वाले माता-पिता को मकान मालिक ने कि राया नहीं देने पर घर से निकाल देने से नए घर के कि राए के लिए बतौर एडवांस देने राहुल से 25 हजार रुपए मांग की थी। इतनी राशि उसके पास नहीं होने के कारण उसने दो दिन का समय मांगा। जिसके बाद उसके माता-पिता ने यह कहते हुए उसे लौटा दिया कि दो दिन बेटी उनके पास रह लेगी। जब वह रुपए लेकर आएगा तो अपनी पत्नी को साथ ले जाएगा। दो दिन बाद जब राहुल जलगांव पहुंचा तो प्रियंका समेत उसके कथित चाचा और मामा मोबाइल बंद कर फरार हो चुक थे। शादी के नाम पर ठगी के मामले में तीन आरोपितों के विरुद्ध ठगी का प्रकरण दर्ज कर तलाश की जा रही है।

आरोपित को तलाश रही पुलिस

मामले में मुक्ताईनगर के प्रमोद की तलाश की जा रही है। कु छ स्थानों पर दबिश भी दी गई है। त्योहारों और पंद्रह अगस्त की वजह से आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है। जल्द ही संभावित ठिकानों पर टीम भेजी जाएगी।

-हेंमत चौहान, प्रभारी, कोतवाली थाना