- कमल चौराहे पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में बोले वक्ता

बुरहानपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हिंदुस्तान की पहचान तिरंगा, सब का इमान तिरंगा, सरहद पर डटे जवान का अरमान है तिरंगा... इन पंक्तियों के साथ कवि लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने शनिवार को कवि सम्मेलन की शुरुआत की। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन कि या था। कमल चौराहे पर रात 9.30 बजे से सम्मेलन की शुरुआत में कवि लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने कभी शोला तो कभी अंगार हूं मैं, सीमा पर खड़े वीर जवानों का हुंकार हूं मैं, सीमा पर हर दम जान लुटाने को तैयार हूं मैं, मुझे फक्र है भारत माता की जय जयकार करने में, इसके अलावा देश भक्ति से ओतप्रोत मां भारती की आन बान शान तिरंगा है, हिंदू-मुस्लिम सिक्ख ईसाई इन सब का इमान तिरंगा है, सरहद पर डटे वीरों का अरमान तिरंगा है, वंदे मातरम जनगण मन हिंदुस्तान की पहचान तिरंगा है सुनाकर माहौल को पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस मौके पर कवियित्री सोनल जैन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कविता पाठ किया। कवि रमेशचंद धुआधार ने कहा अब कश्मीर में कोई नहीं डरता, घाटी में अब कोई सिरफिरा धारा 370 पर नहीं बोलता। विपिन जैन ने देशभक्ति गीत होठों पे सच्चाई रहती है जहां दिल ने सफाई रहती है। हम उस देश के वासी है, जिस देश में गंगा बहती है। सम्मेलन में कवि योगिंद्र मौदगिल, श्यामल मुजूमदार, मिट्ठू मिठास, विनय शुक्ला, जगदीश सेन ने अपनी प्रस्तुति दी। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कवि सम्मेलन का आयोजन नगर निगम द्वारा दस वर्ष से कि या जा रहा है। इस अवसर पर महापौर अनिल भोसले ने कहा कि हमारी संस्कृति में कवि सम्मेलन और मुशायरे संदेश देने और मनोरजंन का माध्यम रहे है। निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला ने भी सम्मेलन को संबोधित कि या। कवि सम्मेलन में देर रात तक डटे रहकर श्रोताओं ने कवियों की रचनाओं का लुत्फ उठाया।