कार्रवाई

-जांच में आर्थिक अनियमितता की दोषी मिली

- जिला पंचायत सीईओ ने की कार्रवाई

बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नियम विरुद्ध तरीके से करीब दस साल तक राजपुरा बालिका छात्रावास की वार्डन रहीं नफीसा जलाल अंसारी को जांच में गंभीर आर्थिक अनियमितता का दोषी पाए जाने पर सीईओ जिला पंचायत रोहन सक्सेना ने सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

इस मामले में डॉ. आनंद दीक्षित ने 15 जुलाई 2019 को शिकायत की थी। जिसकी जांच के बाद डीपीसी अशोक शर्मा ने 30 सितंबर 2019 को अपना जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा था। वर्तमान में वे उर्दू हाईस्कूल लालबाग में वरिष्ठ अध्यापिका के रूप में पदस्थ थीं। जांच प्रतिवेदन में बताया गया था कि 2008 से 2017 तक छात्रावास अधीक्षक के रूप मे तैनाती के दौरान नफीसा अंसारी ने खरीदी में गंभीर आर्थिक अनियमितता की है। उन्होंने अपने ही परिवार की ऐसी सोसायटियों से सामग्री खरीदी के बिल लगाए हैं जो परिसमापन की स्टेज में थीं और क्रय-विक्रय के लिए सक्षम ही नहीं थीं।

साथ ही कुछ मामलों में फर्जी बिल, फर्जी भुगतान भी पाया गया था। उन्होंने छात्रावास में रेमेडियल क्लास सहित अन्य कार्यों के लिए भी परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को ही लगाया गया था। सामग्री खरीदी में भी गलत मात्रा दर्ज कर भुगतान करना पाया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ राशि वसूली और एफआईआर की कार्रवाई भी हो सकती है।

-राजपुरा बालिका छात्रावास की पूर्व वार्डन नफीसा अंसारी को सीईओ जिला पंचायत द्वारा निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। -अशोक शर्मा, डीपीसी

Posted By: Nai Dunia News Network