बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

नेपानगर के घाघरला गांव से लगे जंगल से हाल ही में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अतिक्रमणकारियों को खदेड़ कर जंगल को मुक्त कराया है। बावजूद इसके जिले के अन्य वनक्षेत्रों में कब्जा कर बैठे अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। खकनार क्षेत्र के भौराघाट के जंगलों में करीब दो साल से कब्जा कर बैठे अतिक्रमणकारियों की नजर अब यहां के करीब अस्सी हेक्टेयर जंगल पर है। भौराघाट के कक्ष क्रमांक 313 में वन विभाग द्वारा 2016-17 में कैम्पा मद से करीब अस्सी हेक्टेयर में पौधरोपण कराया था। यहां जमे अतिक्रमणकारियों ने इसमें से करीब एक तिहाई जंगल को साफ कर दिया है। काटे गए पेड़ों के ठूंठ तक जला दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जंगल की अवैध कटाई कर अब तक अतिक्रमणकारी 24 लाख रुपये से ज्यादा की क्षति पहुंचा चुके हैं। जंगल काटकर वे खाली हुई भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

जंगल की अवैध कटाई और अतिक्रमण की सूचना मिलने पर गत दिवस उप वनमंडलाधिकारी और वन परिक्षेत्र असीरगढ़ ने मौके का मुआयना किया, तो भारी संख्या में पेड़ कटे पाए गए। वन अफसरों ने अतिक्रमणकारियों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्होंने दलित जागृत आदिवासी संगठन का नाम लेकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें लौटा दिया। विभाग ने प्रारंभिक रूप में कैलाश जमरे, प्यारसिंह, अंतराम आवस्या, राकेश डावर आदि को अतिक्रमणकारी के रूप में चिन्हित किया है। वन और राजस्व अधिकारी गत 17 जनवरी को भी समझाइश देने पहुंचे थे, बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों ने जंगल में विवाह समारोह आयोजित किया। वन विभाग अब पुलिस और प्रशासन के सहयोग से यहां भी घाघरला जैसी कार्रवाई का मन बना रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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