नेपानगर/बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देश में एशिया के पहले कागज कारखाने का इतिहास रचने वाली नेपा मिल में करीब पांच वर्ष बाद मंगलवार को खुशियां दमकी। यहां पर बायलर में अग्नि प्रज्जवलन के साथ ही उम्मीद की खुशी दोगुनी हुई और 12.5 मेगावाट एम्पीयर का ट्रांसफार्मर स्थापित हुआ।

नया ट्रासंफॉर्मर स्थापित होने से मिल के अफसर-कर्मियों ने ताली बजाकर खुशी जताई। मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे बायलर प्रज्जवलन के पूर्व नेपा मिल के अध्यक्ष एवं सह प्रबंध निदेशक कमोडोर सौरभ देब ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की। यहां 132.659 केवी की ग्रिड स्थापित की गई। जिसकी लागत करीब 1.60 करोड़ रुपये है। इसका उपयोग नेपा मिल को लगने वाली अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति के समय किया जाएगा। पूजा-अर्चना के साथ ही अग्नि प्रज्जवलन अध्यक्ष एवं सह प्रबंध निदेशक कमोडोर सौरभ देब ने किया। गौरतलब है कि पूरे पावर हाउस के निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मिल को दोबारा खड़ा करने के लिए यहां लगाए जा रहे बायलर सहित अन्य उपकरणों का ट्रायल अब शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे प्रत्येक उपकरण का ट्रायल किया जाएगा।

अब स्टीम से चलेगी टर्बाइन, उत्पादित होगी बिजली

नेपा मिल के तकनीकी सचिव महेंद्र केसरी ने बताया कि यहां लगाए गए बायलर से भाप बनेगी। इस भाप से टर्बाइन चलेगी। जिससे बिजली का उत्पादन होगा। हालांकि भाप बनने में अभी तीन सप्ताह का समय लगेगा। जिससे टर्बाइन चलेगी। मिल में यह पहला ट्रायल था जो सफल रहा। आगे भी इसी तरह यहां स्थापित प्रोजेक्ट के सभी प्लांटों का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद मुख्य रूप से उत्पादन का समय व तारीख तय की जाएगी। इस दौरान नेपा मिल उप महाप्रबंधक अजय गोयल, अरुण मिश्र, कारखाना प्रबंधक एनआरए खान, तकनीकी सचिव महेंद्र केसरी, प्रबंधक विवेक बरोले, सुमन्त कानफाड़े, प्रदीप पाराशर, सुधीर पटले, स्वतंत्र कसेरा सहित अन्य मौजूद थे। गौरतलब है कि सीएमडी सौरभ देब ने मिल के काम में तेजी लाकर मिल के जल्दी शुरू होने की उम्मीद जगा दी है। एक पेपर मशीन का काम अप्रैल 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है तो वहीं जून 2021 तक मिल से प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। सीएमडी सौरभ देब के मुताबिक कुछ यूनिट्स का करीब 95 फीसदी का काम पूरा हो गया है। अब विभिन्ना यूनिट्स का ट्रायल शुरू किया गया। जिसमें सबसे पहले बायलर का ट्रायल किया गया। ईटी प्लांट यानि प्रदूषित जल उपचार संयंत्र का प्रथम चरण मार्च 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इसका ट्रायल होगा। कागज निर्माण के लिए दो पेपर मशीन लगना है। दो रिमांडर और एक केमिकल हैंडलिंग प्लांट लगेगा। दो कंट्रोल स्टेशन बनाए जाएंगे।

मिल शुरू होने के ये होंगे लाभ

-मिल चालू होने से नगर की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में शहर का व्यापार पूरी तरह ठप पड़ा है। मिल चालू होने व्यापार व्यवसाय में गति आएगी।

-नगर का विकास होगा। प्रदेश के प्रिंट मीडिया को परिवहन लागत कम होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे।

-देश की 262 सार्वजनिक उपक्रमों में से एक मात्र नेपा मिल ही ऐसी है जिस पर केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि खर्च इसे दोबारा जिंदा करने का प्रयास किया है। अन्य सार्वजनिक उपक्रमों से नेपा मिल बेहतर स्थिति में है। जहां समय समय पर केंद्र से योजना के लिए पैसा आया। मिल के दोबारा खड़े होने पर काफी लाभ होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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