बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सीमावर्ती महाराष्ट्र के जलगांव, मलकापुर, अमरावती, बुलढाणा आदि में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने बार्डर पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। अब महाराष्ट्र से बुरहानपुर की यात्रा करने वालों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य किया जाएगा। इसके बिना उन्हें जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बार्डर चेकपोस्ट पर तैनात अमला उन्हें वहीं से वापस लौटा देगा। यात्रियों से कोरोना जांच संबंधी प्रमाण पत्र एकत्र कर चेकपोस्ट पर सौंपने की जिम्मेदारी बस चालक और परिचालक को सौंपी जाएगी। इसके लिए जल्द ही प्रशासन महाराष्ट्र और जिले के बस चालकों की बैठक आयोजित करेगा।

मंगलवार को आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में इसे लेकर सहमति बनी है। बैठक में कलेक्टर प्रवीण सिंह के अलावा पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय रघुवंशी, पूर्व निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला, सीएमएचओ डॉ. एमपी गर्ग, एसडीएम केआर बड़ोले सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि यात्रियों की सीमा पर थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। उन्होंने बुधवार से ही अमले की तैनाती के संकेत दिए हैं, लेकिन बार्डर पर दो दिन बाद सख्ती शुरू की जाएगी। इस बीच सभी बस चालकों, परिचालकों को प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

शादी समारोहों में सिर्फ सौ लोग हो सकेंगे शामिल

आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में तय किया गया है कि अब किसी भी शादी समारोह में सौ से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी तरह अंतिम संस्कार में अधिकतम 25 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी। सभी तरह के धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी अनुमति अनिवार्य की जाएगी। किसी भी मेला, त्योहार या भागवत कथा आदि के लिए एक मार्च से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बाजारों में बिना मास्क और सैनिटाइजर के सामान बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने 25 दल गठित करने का निर्णय लिया है। बैठक में मौजूद पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने नाई की दुकानों में भी निगरानी रखने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से खुद का तौलिया लेकर जाएं और नाई पूर्व की तरह किट पहन कर काम करें।

विशेषज्ञ अवकाश पर गए तो ठप हो जाएगी वेंटीलेटर व्यवस्था

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल की बदहाली को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कलेक्टर और सीएमएचओ से कहा कि वहां न तो सोनोग्राफी की व्यवस्था है और न स्थायी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की नियुक्ति है। यहां तक कि विशेषज्ञ डॉक्टर और सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं हैं। जिस पर सीएमएचओ ने बताया कि कोविड मरीजों के लिए शुरू की गई वेंटीलेंटर व्यवस्था भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने से ठप हो जाती है। इसके साथ ही सीजर व अन्य तरह की सर्जरी भी नहीं हो पाती। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 23 पद हैं, जिनमें से 18 रिक्त पड़े हैं। इसी तरह एमबीबीएस डॉक्टरों के करीब 14 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक पदों की पूर्ति नहीं की जा सकी है। कलेक्टर ने अनुबंध के आधार पर जरूरी सेवाओं को सुचारू बनाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात करने और कैंटीन व्यवस्था को सुधारने का सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि समाज में कोरोना को लेकर डर नहीं पनपना चाहिए। आर्थिक गतिविधियां बंद नहीं होनी चाहिए।

जिले में 16 सक्रिय मरीज

वर्तमान में जिले में कोरोना के 16 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से दो को जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि शेष का इलाज घरों में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक सोमवार तक जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 891 हो चुकी थी। इनमें से 848 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अब तक 59028 संदिग्धों क सैंपलिंग की जा चुकी है। इनमें से 57107 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में कोरोना से मौतों का आंकड़ा फिलहाल 27 पर ही थमा हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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