बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों और वैक्सीन की कमी लोगों को बार्डर पार कर मप्र में टीका लगवाने विवश कर रही है।

महाराष्ट्र के सैंकड़ों लोग बीते कुछ दिन से बुरहानपुर के विभिन्ना टीकाकरण केंद्रों में पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ को टीके लगाए भी जा चुके हैं, जबकि कुछ को लौटाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को इसकी जानकारी लगने पर उन्होंने टीकाकरण केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, कि अब जिले को मिले डोज सिर्फ बुरहानपुर के रहवासियों को ही लगाई जाए। इसके साथ ही टीके को

लेकर निर्मित होने वाली विवाद की स्थिति को देखते हुए विभाग ने महाराष्ट्र बार्डर से लगे टीकाकरण केंद्रों को बंद करने का निर्णय भी लिया है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डा. वायबी शास्त्री ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार को बार्डर के बिरोदा सहित अन्य केंद्रों में महाराष्ट्र के करीब 80 लोगों को टीका लगाया गया है। इसके अलावा शहर के सावित्री बाई फुले कन्या शाला में भी करीब 40 लोग टीका लगवाने पहुंचे थे। शुरुआत में कर्मचारियों ने इनमें से कुछ लोगों को वैक्सीन लगाई, लेकिन बाद में स्पष्ट निर्देश मिलने पर शेष बचे लोगों को वापस लौटा दिया गया। वैक्सीन लगवाने आए लोगों ने बताया कि उनके यहां कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण अब तक अधिकांश लोग टीकाकरण से वंचित हैं। इस बीच कोरोना के नए वेरिएंट आने और मौतों का आंकड़ा बढ़ने से वे घबराए हुए हैं। जिसके चलते मजबूरी में बार्डर पार कर बुरहानपुर टीका लगवाने पहुंच रहे हैं।

पचास से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को लगे टीके

जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का काम भी जारी है। बीते पांच दिन में 50 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इसका आंकड़ा ज्यादा नहीं बढ़ने का कारण सहमति की अनिवार्यता है। गर्भवती महिलाओं की सबसे पहले काउंसिलिंग की जाती है। इसके बाद यदि वे सहमति देती हैं तो टीका लगाया जाता है। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इनका आंकड़ा भी तेजी से बढ़ेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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