बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला अस्पताल के प्रशासनिक अफसरों को भले ही कलेक्टर प्रवीण सिंह ने बदल दिए हैं, लेकिन सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं में फिर भी सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। अस्पतालों में सबसे ज्यादा जरूरी साफ सफाई पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन जिला अस्पताल की यही व्यवस्था लंबे समय से चरमराई हुई है। जिसका खामियाजा यहां भर्ती होने वाले मरीजों और उनके स्वजन को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल के मेडिकल वार्ड के टायलेट की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण बीते कई दिन से तेज दुर्गंध आ रही है। जिससे वार्ड में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों का रहना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि मरीजों के साथ ही उनके रिश्तेदारों को यहां नाक पर रूमाल बांधकर आना-जाना पड़ रहा है। वार्ड से बाहर आ रहे कई लोगों के चेहरे पर रूमाल बंधा देखकर जब उनसे पूछा गया कि यह रूमाल उन्होंने कोरोना संक्रमण के डर से बांध रखे हैं, तो उनका जवाब नहीं में मिला। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में भी उन्होंने रूमाल नहीं बांधी लेकिन यहां आ रही तेज बदबू ने उन्हें ऐसा करने के लिए विवश कर दिया है।

हमेशा की है यह परेशानी

अस्पताल के मेडिकल वार्ड में दो दिन से भर्ती दीपक पाटिल ने बताया कि वार्ड के शौचालय की हालत बेहद खराब है। यहां साफ सफाई ठीक तरह से नहीं होती है। रविवार को तो शौचालय के नलों में पानी तक नहीं आया। जिससे इतनी दुर्गंध फैल रही है कि अस्पताल में मरीजों तक को परेशानी हो रही है। मेडिकल वार्ड में यह हमेशा की परेशानी है। यहां सफाई कर्मचारी सिर्फ पानी डालकर चले जाते हैं। अस्पताल में अच्छी सफाई सिर्फ कायाकल्प की टीम अथवा स्वास्थ विभाग के अफसरों के आने पर ही कराई जाती है।

वाटर सप्लाय में कोई परेशानी नहीं होगी। सफाई का इश्यू हो सकता है। मैं तुरंत सफाई ठेकेदार से बात कर उसे अच्छी तरह से सफाई कराने के लिए निर्देशित करता हूं।

- डा. प्रदीप मोजेस, सिविल सर्जन।

Posted By: Nai Dunia News Network

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