बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक संभाजी राजे भोंसले का जन्मोत्सव शनिवार को समाज के लोगों ने धूमधाम से मनाया। उनके चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद सेवा कार्य के तहत बस स्टैंड में यात्रियों ठंडा पानी वितरित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक समिति दिल्ली के झांसी संभाग प्रभारी प्रकाश नाइक उपस्थित थे। अतिथियों ने बताया कि संभाजी महाराज का जन्म 14 मई 1657 को हुआ था। मराठा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष आशीष भगत ने महाराज की जीवनी पर रोशनी डालते हुए कहा कि संभाजी महाराज ने करीब नौ साल तक राज किया था। उनका व्यक्तित्व असामान्य था। उनमें अटूट साहस, अद्वितीय कौशल, असाधारण बहादुरी देखने को मिलती थी। उन्हें कई भाषाओं का ज्ञान था और वो समाज शास्त्र, राजनीति व अर्थशास्त्र में निपुण थे। हर साल 14 मई को उनका जन्मोत्सव मनाकर उनकी बहादुरी व बलिदान को याद किया जाता है। भाऊ फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश का इतिहास बड़ा गौरवपूर्ण है। इस धरती पर अनेक वीरों ने जन्म लिया। संभाजी महाराज की जीवनी से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। हम संकल्प लेते हैं कि उनके बताए मार्ग पर चलने का निरंतर प्रयास करेंगे। इस अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र सोनी, जयकुमार गंगराड़े, अत्ताउल्लाह खान, संजय चौधरी, सरिता भगत आदि उपस्थित थे।

एक हजार घरों में मोबाइल पंडित कराएंगे गायत्री महायज्ञ

डोईफोड़िया। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा 16 मई को बुद्घ पूर्णिमा पर देशभर में एक साथ सुबह 9 से 12 बजे के बीच गृह गृह गायत्री महायज्ञ कराया जाएगा। जिले में कम से कम एक हजार घरों में यह यज्ञ मोबाइल पंडित के माध्यम से होगा। गायत्री परिवार के बसंत मोढ़े ने बताया कि गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य विश्व में सुख, शांति व समृद्घि स्थापित करना है। एक साथ एक समय पर यह आध्यात्मिक प्रयोग प्रतिवर्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यज्ञ से जहां पर्यावरण शुद्घ होता है, वहीं इसकी सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति के मन व सूक्ष्म जगत को भी प्रभावित करती है। वैदिक काल से ही विशेष अवसरों पर विशेष प्रकार के यज्ञ का विधान शास्त्रों में बताया गया है। जब सामूहिकता के साथ यज्ञ किया जाता है तो उससे बड;ी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। विजय पेसवानी ने बताया कि 16 मई को होने वाले यज्ञ के लिए गायत्री परिवार द्वारा विशेष प्रकार की किट तैयार की गई है। जिसे गायत्री शक्तिपीठ शिकारपुरा थाने के पास से निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। संजय राठौ़ड़ ने बताया कि गायत्री यज्ञ की पूर्णाहुति पर वर्षा ऋतु के दौरान कम से कम एक पौधा रोपित करने का संकल्प भी दिलाया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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