बुरहानपुर ( नईदुनिया प्रतिनिधि) प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा लाई गई नई शराब नीति घर-घर शराब की दुकानें खोल देगी। जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। प्रदेश में अपराध और बेरोजगारी चरम पर है। इसे समाप्त करने की जगह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को शराब मुक्त नहीं शराब युक्त बना रहे हैं। यह आरोप महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रीति सिंह राठौर ने लगाए हैं। उन्होंने नई शराब नीति का विरोध करते हुए कहा कि इससे घरेलू हिंसा में और वृद्धि होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि पहले वे कोरोना, बेरोजगारी और महिला अपराधों जैसी चीजों को काबू करें। एक तरह मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की बात करते हैं। जब घर घर शराब बिकेगी तो घर का मुखिया शराब पीकर आएगा। जिससे लोगों के बसे बसाए घर उजड़ेंगे। उन्होंने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान की भी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि थोड़ी थोड़ी पिया करो आयुर्वेद का काम करती है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहने पर उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

शराब नहीं रोजगार चाहिए

इसी तरह आम आदमी पार्टी ने भी नई शराब नीति की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह, जिलाध्यक्ष रियाज खोकर, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा सिंह दीक्षित ने कहा है कि भाजपा सरकार मप्र को शराब प्रदेश बनाने पर तुली है। सरकार नई आबकारी नीति को वापस ले और प्रदेश को शराब प्रदेश बनने से बचाए। सरकार ने यदि नीति वापस नहीं ली तो आम आदमी पार्टी 24 जनवरी को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा है कि यह नीति घरों को होम बार में तब्दील कर देगी। इसका सबसे ज्यादा दंश महिलाओं को झेलना पड़ेगा। बहन, बेटियों का घरों में रहना मुश्किल हो जाएगा। आप नेताओं ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को शराब नहीं रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल और सस्ती बिजली जैसी सुविधाओं की आवश्यकता है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती प्रदेश में शराबबंदी की बात करती हैं और सरकार शराब सस्ती कर रही है।

Posted By: gajendra.nagar

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