बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ईद मिलादुन्नाबी पर्व मंगलवार को जिलेभर में धूमधाम और उत्साह से मनाया गया। शहर में मुस्लिम समाज द्वारा जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। विभिन्ना दलों के जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी पर्व में शामिल होकर लोगों को मुबारकबाद दी। इसके अलावा शाम को उतावली नदी के तट पर स्थित हजरत शाह दरगाह के सामने मगरिब की नमाज अता की गई। करीब पांच सौ साल से ईद मिलादुन्नाबी पर यहां जमाज अता करने की परंपरा चली आ रही है। इसके लिए प्रशासन ने एक दिन पहले ही घाट के पास जमीन समतल करा प्रकाश आदि की व्यवस्था करा दी थी।

मंगलवार दोपहर लोहारमंडी स्थित अशरफी मदरसे से शुरू हुआ जुलूस जयस्तंभ, शनवारा होते हुए हरीरपुरा स्थित पीलू की मस्जिद पहुंचा। हालांकि इस बार प्रशासन की सख्ती के कारण जुलूस में डीजे और वाहनों को शामिल नहीं किया गया था। मुस्लिम समाज के युवकों ने हाथ में झंडे पकड़े हुए थे, जिन्हें लहराते हुए चल रहे थे। जुलूस के समापन स्थल पर विधायक सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय रघुवंशी, नगर निगम के पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष अमर यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और लोगों से गले मिलकर मुबारकबाद दी। इस दौरान शनवारा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना कलीम अशरफी, अधिवक्ता खलील अंसारी, मोमिन जमातखाने के परवेज सलामत आदि भी मौजूद थे। ईद मिलादुन्नाबी को लेकर जिला प्रशासन ने कुछ पाबंदियां लगाई थीं। साथ ही कोविड गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जुलूस के दौरान कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी सामने आया। जुलूस में शामिल लोगों के साथ ही जनप्रतिनिधियों के चेहरे पर भी मास्क नजर नहीं आए। प्रशासन ने प्रत्येक मस्जिद से दस लोगों के साथ जुलूस निकालने की अनुमति दी थी, जबकि कुछ स्थानों पर जुलूस में हजारों लोग जुट गए थे। पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा का कहना है कि इस संबंध में हालांकि अब तक कोई शिकायत सामने नहीं आई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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