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छोटी कसरावद की काकड़ तक पहुंचा नर्मदा का पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी

-राजघाट के बाद अब राजमार्ग के समीप बसा गांव भी बन जाएगा टापू

-डूब से बाहर किए कई गांव के लोगों की चिंता बढ़ी

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

सरदार सरोवर बांध में 31 अगस्त तक 134 मीटर तक पानी भरे जाने की सूचना है। रविवार को नर्मदा का जल स्तर 132.300 मीटर से अधिक हो गया है। इंदिरा सागर बांध व ओंकारेश्वर बांध के गेट खोले जाने से जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं मौसम विभाग ने 26 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसी स्थिति में राजघाट के बाद खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग कि नारे बसा छोटी कसरावद गांव भी टापू बन सकता है। वर्तमान की स्थिति में नर्मदा का जलस्तर ग्राम की काकड़ तक पहुंच चुका है। जबकि गांव के अधिकांश हिस्से को डूब के बाहर बताया गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

जानकारी अनुसार 2001 में छोटी कसरावद को डूब में लिया गया था। 364 मकानों का सर्वे हुआ था। सात मकान मालिकों ने सर्वे नहीं करवाया था। 2001-02 में गांव के लिए जिला मुख्यालय में फिल्टर प्लांट के सामने पुर्नवास स्थल बनाया गया। इनमें करीब 998 भूखंड बनाए गए। इस बसाहट में छोटी कसरावद सहित 12 डूब प्रभावित गांवों के लोगों को भूखंड आवंटित हुए। छोटी कसरावद के 30 प्रतिशत लोगों बसाहट में मकान बनाकर रहने लगे। लेकि न 2008-09 में जिन 364 मकानों का सर्वे हुआ था, उनमें से महज 25 मकानों को डूब में बताकर बाकि पूरे गांव को डूब से बाहर कि या गया। डूब से बाहर किए जाने को लेकर लोगों को लिखित में कोई दस्तावेज नहीं दिए गए। डूब से बाहर होने के बाद भी कसरावद के लोगों को भूखंड का हक अधिकार नहीं मिला, लेकि न मकान बनाने से कब्जा आज भी है। ये सभी लोग भूखंड के पट्टे व सभी लाभों की मांग कर रहे हैं।

पूरे गांव को डूब में लिया जाए

नर्मदा बचाओ आंदोलन के राहुल यादव ने बताया कि कसरावद को पहले डूब में लेकर बाहर कि या गया। लेकि न बैक वॉटर का पानी 138 मीटर तक होने पर व तेलाड़ नदी में बारिश का पानी आने से गांव सहित खेत खलियान टापू में तब्दील हो जाएगा। 132 मीटर बैक वॉटर होने पर अभी से नर्मदा नदी का पानी गांव की काकड़ तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में गांव के नीचले छोर में बसे लोगों के मकान डूबने का डर है। यही नहीं पंचायत के कु ंडीया, कालीबेड़ी, एकलरा व गजनेरा की 900 एकड़ कृषि भूमि भी प्रभावित हो रही है। इनको कोई लाभ नहीं मिला है। कसरावद में 60 लाख का लाभ 10 कि सानों को मिला है। वहीं 15 लाख का लाभ कसरावद के 12 व कु ंडिया के 14 कि सानों को ही मिला। जबकि आंदोलन व ग्रामीणों की मांग है कि पूरे गांव को डूब में लिया जाए और सभी लाभ दिए जाएं। ग्राम के कै लाश यादव, गुलमीर मंसूरी, सुरेश यादव ने सरकार से डूब से प्रभावित होने वाले उनके गांव के लोगों की समस्या का उचित निराकरण करने की मांग की है।

* 18बीएआर-53बड़वानी के समीप ग्राम छोटी कसरावद की ओर बढ़ रहा है नर्मदा का पानी।

नर्मदा तटों पर बढ़ाई सुरक्षा, प्रशासन अलर्ट

-ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने से बढ़ रहा नर्मदा का जलस्तर

इंट्रो..

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश का असर नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। इधर इंदिरा सागर व ओंकारेश्वर बांध के गेट खोल दिए जाने के कारण बड़वाह, कसरावद व महेश्वर किनारे नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि किनारे पर न जाएं न ही नर्मदा नदी में स्नान करें। उधर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। नर्मदा जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल रविवार को नदी खतरे से निशान से नीचे रही।

सनावद। नईदुनिया न्यूज

ओंकारेश्वर बांध का पानी छोड़े जाने के बाद लगातार जलस्तर बढ़ा। मोरटक्का, नावघाटखेड़ी आदि किनारों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। लगातार मुनादि कराई जा रही है। अलर्ट होने के बावजूद कुछ स्थानों पर छोटे बच्चे नदी में उतरते देखे गए जिन्हें हटाया गया। उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर बांध के लगभग सभी गेट खोले गए हैं।

शवदाह स्थल डूबा

कसरावद। लगातार जलस्तर बढ़ने से नावड़ाटौड़ी किनारे स्थित शवदाह स्थल भी डूब में आ गया। लगातार अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्रवासी बली केवट, विक्रम केवट, गणेद्गा केवट, संतोष, मनीष ने बताया कि लगातार जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल गोताखोर तैनात नहीं हैं।साथ ही शवदाह स्थल डूब जाने और बेरिकेड्स लगा देने से नागरिकों को असुविधा हो सकती है। उधर तहसीलदार विवेक सोनकर ने कहा कि शवदाह स्थल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के किनारों का अधिकांश हिस्सा डूबा हुआ है। रविवार शाम तक शालीवाहन मंदिर तक नर्मदा का पानी नहीं पहुंचा। यह मंदिर सुरक्षति है।

तट के फर्श पर फैला पानी, डूबे शिवलिंग

महेश्वर। लगातार बारिश का असर यहां भी देखने को मिला। अहिल्या तट के फर्श तक नर्मदा का पानी पहुंच गया। तटों पर बने शिवलिंग डूब गए। उधर काशीविश्वनाथ मंदिर के पास तिलबाणेश्वर मंदिर क्षेत्र में भी जलस्तर बढ़ा। जिससे मंदिर में पानी प्रवेश कर गया।

* 18केजीएन 170 सनावद के मोरटक्का पुल से लोगों को दूर हटाते पुलिस जवान। -नईदुनिया

* 18केजीएन 162 कसरावद के नावड़ाटौड़ी किनारे स्थित शवदाह स्थल भी डूब में आ गया। -जितेंद्र पाटीदार, कसरावद

* 18केजीएन 163 महेश्वर में नर्मदा किनारे स्थित अहिल्या घाट तक पानी पहुंच गया। तिलबाणेश्वर मंदिर में भी पानी प्रवेश कर गया। -नरेंद्र चौधरी, महेश्वर

* 18केजीएन 164 महेश्वर में नर्मदा किनारे स्थित अहिल्या घाट स्थित फर्श तक पानी पहुंच गया। बावजूद एक श्रद्धालु ने तट पर बने मंदिर तक पहुंचकर जल चढ़ाया। -नरेंद्र चौधरी, महेश्वर