बुरहानपुर। शहर के लालबाग क्षेत्र में संचालित नेहरू मांटेसरी स्कूल की मान्यता समाप्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम और कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन कर प्रवेश परीक्षा आयोजित करने पर यह कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षाधिकारी रवींद्र महाजन के मुताबिक प्राचार्य के नाम जारी नोटिस में तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी नोटिस में कहा गया है कि सूचना के आधार पर जब सोमवार को विभाग के अफसरों ने स्कूल का निरीक्षण किया तो वहां नर्सरी से कक्षा नौवीं तक के विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा देते हुए पाए गए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी स्कूल संचालक द्वारा किसी छात्र के प्रवेश के लिए परीक्षा नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही वर्तमान में देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। जिसके चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल दिल्ली और माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा दसवीं व बारहवीं बोर्ड जैसी परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। ऐसे में छात्रों को एकत्र कर प्रवेश परीक्षा लेना कोविड गाइडलाइन के प्रतिकूल और शासन के निर्देशों की अवहेलना है। लिहाजा क्यों न स्कूल की पहली से आठवीं तक की मान्यता समाप्त कर दी जाए और कक्षा 9 से 12 तक की मान्यता समाप्त करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल को प्रस्ताव भेजा जाए। इस नोटिस के बाद से स्कूल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

चेक बाउंस मामले में भाजपा नेता की अपील खारिज

बुरहानपुर। चेक बाउंस के एक मामले में भाजपा युवा मोर्चा खकनार ब्लाक के पूर्व अध्यक्ष मनोज टंडन की अपील प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे ने खारिज कर दी है। साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाए गए एक साल के कठोर कारावास और 7 लाख 93 हजार रुपये के प्रतिकर भुगतान के निर्णय को यथावत रखा है। शनिवार को आए फैसले के दौरान आरोपित मनोज टंडन अदालत में मौजूद नहीं था। जिसके चलते न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता राजेश कोरोवाला के मुताबिक साल 2016 में पीड़ित राजकिशोर भमोरे ने 6 लाख रुपये के चेक बाउंस को लेकर परिवाद दायर किया था। जिस पर 27 जून 2019 को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट आरएस बघेल ने मनोज टंडन को दोषी करार देते हुए एक साल कैद व प्रतिकर भुगतान की सजा सुनाई थी। इसी निर्णय के खिलाफ मनोज ने अपील दायर की थी, जो खारिज कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक मनोज बीमारी के नाम पर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था, लेकिन रविवार को गुपचुप तरीके से डिस्चार्ज लेकर फरार हो गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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